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अमरिंदर सिंह देंगे भगत सिंह के पैतृक गांव में धरना, दिल्ली में ट्रैक्टर को आग लगाई

अमरिंदर सिंह भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में देंगे धरनादिल्ली में सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर को लगाई आगकर्नाटक और पंजाब में किसान कर रहे विरोध प्रदर्शन

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Sep 28, 2020
Captain amrinder singh
Captain amrinder singh

रविवार को पीएम मोदी ने 'मन की बात' में अप्रत्यक्ष रूप से कृषि बिलों को किसानों के लिए लाभदायक बताया वहीं दूसरी ओर कृषि बिलों को लेकर विपक्षी दल पूरी तरह से लामबंद होकर सरकार के खिलाफ मोर्चेबाजी में जुट गए हैं।

भगत सिंह के पैतृक गांव में अमरिंदर सिंह देंगे धरना, हरीश रावत भी होंगे शामिल
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया है कि वह सोमवार को स्वतत्रंता सेनानी भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव खटकर कलां में जाकर कृषि बिलों के विरोध में धरना देंगे। पंजाब कांग्रेस के प्रमुख सुनील जाखड़ ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में सभी राज्य कांग्रेस सांसद, विधायक तथा हरीश रावत शामिल होंगे। धरने को लेकर पंजाब के कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह तथा विधायक अंगद सिंह पहले ही भगत सिंह स्मारक का दौरा कर वहां पर की व्यवस्था देख चुके हैं।

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर को लगाई आग
देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राजपथ पर इंडिया गेट के पास एक ट्रैक्‍टर को आग लगा दी। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड तथा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा आग बुझाई।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति ने इन विधेयकों पर हस्ताक्षर कर किसानों को बड़ा झटका दिया है। इन बिलों के मौजूदा स्वरूप में लागू होने से पंजाब की खेती और अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में किसानों को कृषि विधेयकों से बचाने के लिए राज्य कानून में संशोधन किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सक्षम एक्सपर्ट्स के साथ परामर्श किया जा रहा है।

भाजपा का सहयोगी अकाली दल भी उतरा विरोध में
कुछ दिन पहले तक भाजपा के सहयोगी रहा अकाली दल भी पूरी तरह से विधेयकों के विरोध में उतर आया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति द्वारा विवादास्पद विधेयकों पर हस्ताक्षर किए जाने को लोकतंत्र तथा किसानों के लिए काला दिन बताया है। अकाली दल ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति ने किसानों और पंजाबियों को नजरअंदाज कर कृषि बिल तथा जम्मू-कश्मीर बिल पर हस्तारक्षर किए।

कर्नाटक में बंद का आव्हान
दिल्ली के साथ ही देश के अन्य राज्यों यथा कर्नाटक आदि में भी कृषि विधेयकों के विरोध में प्रदर्शन और रैलियां निकाली जा रही हैं। ऑल इंडिया किसान महासभा तथा अन्य संगठनों ने भी राज्यव्यापी बंद का आव्हान किया है।

Updated on:
28 Sept 2020 10:15 am
Published on:
28 Sept 2020 10:00 am