एम्स की डॉ. रचना भट्ट से रूसी राष्ट्रपति खासे प्रभावित
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी भविष्य की ऐसी टीम बनाई है, जो दुनिया की कई समस्याओं का हल तलाश सकें। खास बात यह है कि उन्होंने जो 12 लोगों की टीम बनाई है, उनमें भारत की एक युवा डॉक्टर हैं। डॉ. रचना भट्ट के विचारों से पुतिन इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा कि मरीजों में एंटीबायोटिक के खिलाफ प्रतिरोधी क्षमता में इजाफे पर भट्ट के आइडिया से वह ‘बेहद प्रभावित’ हैं। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जूनियर डॉक्टर रचना के पुतिन की टीम में चुने जाने को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जबकि एम्स बड़े-बड़े डॉक्टरों और विशेषज्ञों का गढ़ माना जाता है।
दुनिया के 185 देशों के प्रतिभागियों में से चयन
पुतिन की टीम में शामिल होने के लिए दुनिया के 185 देशों के 24,000 प्रतिभागियों ने अलग-अलग विषयों पर अपने विचार भेजे थे। इनमें से 12 को चुना गया, जिनके विचारों और आइडिए से पुतिन बेहद प्रभावित हुए।
युवा महोत्सव में हिस्सा लिया
चुने गए इन सभी 12 लोगों को बीते 12 अक्टूबर को पुतिन की मौजूदगी में वल्र्ड फेस्टिवल ऑफ यूथ एंड स्टूडेंट के 19वें संस्करण में शामिल होने का मौका मिला। इन सभी ने रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनके समक्ष अपने-अपने क्षेत्रों के बारे में उल्लेखनीय विचार रखे।
टीम में इकलौती डॉक्टर
इस टीम में रचना भट्ट इकलौती डॉक्टर हैं। कर्नाटक के मणिपाल की रहने वालीं रचना ने कहा कि मैं रूस की शुक्रगुजार हूं कि उसने दुनियाभर के युवाओं और उत्साही लोगों के साथ मिलने का मौका दिया।
यह दिया था आइडिया
डॉ. रचना ने आइडिया दिया था कि मरीजों में एंटीबॉयोटिक दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधी क्षमता में इजाफा हो रहा है। जिसके चलते मरीजों पर ये दवाएं कारगर साबित नहीं हो रही हैं। ऐसे में मरीजों को अनावश्यक दवाओं का सुझाव देने से बचना होगा। इसके लिए डॉक्टर, मरीज और दवा बनाने वाली कंपनियां, शोधकर्ताओं यानी सभी के बीच तालमेल बढ़ाना होगा।
जूनियर रेजिडेंट हैं रचना
डॉ. रचना ने 2015 में एम्स में जूनियर रेजिडेंट (इमरजेंसी मेडिसिन) के तौर पर ज्वाइन किया था। चिकित्सा जगत के लोगों ने पूरी दुनिया के 300 से ज्यादा डॉक्टरों में से उन्हें इस टीम के लिए चुना था।
90 सेकंड का प्रेजेंटेशन
पुतिन के समक्ष 90 सेकंड के प्रेजेंटेशन में रचना ने बताया कि हमें पीओएस पोर्टल अपनाना होगा, जो आम लोगों, संगठनों और देशों के लिए हर वक्त खड़ा रहता है। यह एक ई पोर्टल है, जिसके जरिए मरीज सब्सक्राइब कर डॉक्टरों की फीस जान सकता है, उनकी सेवाएं और सलाह निजी तौर पर ले सकता है। यही नहीं किसी रोग में अगर किसी डॉक्टर ने गलत दवाएं लेने की सलाह दी है, तो वह उसे सही दवाओं के बारे में सुझाव भी दे सकता है। शोधकर्ता, देशों और चिकित्सा संगठनों के बीच यह एक पुल का काम भी करता है और गलत सुझाव पर रोक भी लगाने में मदद मिलेगी।