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जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण में एडीबी देगा साढे 6 हजार करोड़ का लोन

जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी) साढ़े छह हजार करोड़ का ऋण देगा।

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photo ani

नई दिल्ली। जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी) साढ़े छह हजार करोड़ का ऋण देगा। हाल ही केन्द्रीय कैबिनेट से स्वीकृत इस महत्वपूर्ण परियोजना के वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था में तेजी लाने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शुक्रवार को केन्द्र में एडीबी से ऋण की प्रक्रिया तेज करने और इस परियोजना के पैकेजों को शुरू करने पर चर्चा की। सीएस ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चरल परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए यहां आठ बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अधिकारियों से मुलाकात की।

सात पैकेज में से एक शुरू, छह पर जल्द होगा काम जयपुर मेट्रो के सिविल पैकेज का बिड प्रोसेस शुरू हो गया है। इसके सिग्नलिंग, कूलिंग, रोलिंग स्टॉक, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल व ट्रैक पैकेज भी जल्द शुरू होंगे। साढ़े तेरह हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 6565 करोड़ का ऋण एडीबी देगी।

इसके अलावा राजस्थान शहरी लिवेबिलिटी परियोजना के लिए एडीबी से 10959 करोड़, वन विभाग की पृथ्वी परियोजना के लिए 1140 करोड़ व जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं के लिए 3707 करोड़ की ऋण सहायता एडीबी से प्रदेश को मिलने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए जल्द ही बैंक की टीम राजस्थान का दौरा करेगी।

राज उन्नति का केन्द्र में होगा प्रजेंटेशन

सीएस ने कैबिनेट सचिव टीवीके सोमनाथ, गृह सचिव गोविन्द मोहन और प्रधानमंत्री के सलाहकार शक्तिकांत दास से अलग अलग मुलाकात कर प्रदेश में चल रहे नवाचारों के बारे में बताया। कैबिनेट सचिव ने राज उन्नति को अन्य राज्यों में भी लागू करने के लिए एक प्रजेंटेशन बना कर केन्द्र को भिजवाने के लिए कहा है। मुख्य सचिव आर्थिक मामलात, आवासन एवं शहरी विकास, जनजातीय विकास विभाग के अधिकारियों से भी मिले।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

- अमृत 2.0 के पिछले साल के 1836 करोड़ के काम इस साल में करवाने की अनुमति

-पीएम स्वनिधि योजना के 16750 आवेदकों को जल्द बैंकों से ऋण दिलवाने

-सिंगापुर की सिमकोर्क से प्रदेश में निवेश में तेजी लाने

-धरती-आबा, आदि कर्मयोगी अभियान से प्रदेश को अधिक लाभ

-सम्पर्क व 181 पर एक दिन में 28 हजार तक समस्या समाधान

-ग्राम व ग्राम उत्थान अभियान

-डिरेगुलेशन व कंप्लाइंस के लिए सीएस सेल के कामकाज पर चर्चा