रफाल उड़ाने वाले एयर मार्शल रघुनाथ नाम्बियार को वायुसेना में मिराज-2000 पर सबसे ज्यादा समय बिताने का विशेष सम्मान हासिल है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारतीय वायु सेना के शीर्ष पदों पर मंगलवार को बड़ा फेरबदल किया है। इस बदलाव में हाल ही में रफाल उड़ाने वाले एयर मार्शल रघुनाथ नाम्बियार अब ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (एओसी-इन-सी) का पदभार संभालेंगे। एयर मार्शल वी.आर. चौधरी को एयर स्टाफ का उप प्रमुख नियुक्त किया गया है, जबकि एयर मार्शल अमित देव को एयर (संचालन) का महानिदेशक और एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा दक्षिणी पश्चिमी एओसी-इन-सी नियुक्त किया गया है।
एयर मार्शल नाम्बियार ने फ्रांस में उड़ाया था रफाल
नाम्बियार ने वायुसेना में जून 1981 में बतौर लड़ाकू विमान पायलट के रूप में शुरुआत की थी। वह प्रायोगिक टेस्ट पायलट हैं और उन्होंने पायलट इन कमांड के रूप में 42 तरह के विमान उड़ाए हैं। नाम्बियार को वायुसेना में मिराज-2000 पर सबसे ज्यादा समय बिताने का विशेष सम्मान हासिल है। उन्होंने विमान पर 2,300 से अधिक उड़ान घंटों का समय बिताया है। साथ ही उनके पास कुल 5,100 घटों का उड़ान अनुभव है। बीते 20 सितंबर को एयर मार्शल नाम्बियार ने फ्रांस पहुंचकर रफाल विमान की परीक्षण उड़ान भरी है। वह सोसायटी ऑफ एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के सदस्य हैं और हल्के लड़ाकू विमान तेजस के प्रोजोक्ट टेस्ट पायलट रह चुके हैं।
एयर मार्शल चौधरी और देव भी बेहद अनुभवी
वहीं एयर मार्शल वी.आर. चौधरी ने दिसंबर 1992 में वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम से अपनी शुरुआत की थी। उन्होंने मिग-1, मिग-23एमएफ, मिग-29 और सू-30एमकेआई उड़ाया है और उनके पास 3,800 घंटों का उड़ान अनुभव है। वहीं देव ने दिसंबर 1982 में वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम की उड़ान शाखा से अपनी शुरुआत की थी। उन्होंने वायुसेना द्वारा ईजाद विभिन्न प्रकार के विमानों और प्रशिक्षक विमानों को उड़ाया है। उनके पास करीब 2,500 घंटों का उड़ान अनुभव है। अरोड़ा ने दिसंबर 1981 में वायुसेना में बतौर लड़ाकू पायलट अपनी शुरुआत की थी। उनके पास दुर्घटना-मुक्त उड़ान भरने का अत्यंत खास अनुभव है। उन्होंने मिग-21, मिग-29 और वायुसेना द्वारा ईजाद किए गए अन्य विमान उड़ाए हैं, जिसमें हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। उन्होंने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) आर.के. धीर की जगह ली है, जो 30 सितम्बर को सेवानिवृत हुए हैं।