गहलोत और पायलट के बीच सुलह कराने की माकन की कोशिश रंग लाई लंबे समय से इन दोनों नेताओं के बीच चल रही थी सियासी खींचतान
नई दिल्ली। कांग्रेस ( Congress ) के दो दिग्गज नेताओं के बीच लंबे समय से चल रही रही खींचतान आखिरकार खत्म होती नजर आ रही है। अगर आप राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot ) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ( Congress Leader Sachin Pilot ) के बारे में सोच रहे हैं तो आपका अंदाजा बिल्कुल सही है। इन दोनों नेताओं के बीच सुलह भी किसी और ने नहीं, बल्कि कांग्रेस के ही एक दिग्गज नेता ने कराई है। दरअसल, कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ( Ajay Maken ) की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सुलह कराने की कोशिश रंग लाई है और दोनों अब साथ आ गए हैं।
उपचुनावों के लिए अभियान शुरू
शनिवार को गहलोत और पायलट ने एक साथ किसानों की रैली को संबोधित करते हुए चार विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के लिए अभियान शुरू किया। उपचुनावों का कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है। इससे पहले, दोनों नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजस्थान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान मंच साझा किया था। कांग्रेस के एक अंदरूनी सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि माकन को गहलोत और पायलट के बीच चल रही 'रस्साकशी' को खत्म करने का श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने (माकन) व्यक्तिगत रूप से गहलोत और पायलट को एक साथ लाने के लिए आवश्यक सभी चीजों का ध्यान रखा।
पार्टी में चल रही खींचतान पर चर्चा
एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा कि माकन ने राजस्थान में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और गहलोत के साथ पार्टी में चल रही खींचतान पर चर्चा की। उन्होंने तनातनी को समाप्त करने के लिए आवश्यक सभी कदमों पर चर्चा की। आपको बता दें कि राजस्थान में चार विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थी। पायलट इन दिनों राज्य में किसान सम्मेलनों का आयोजन कर रहे हैं और पार्टी इस समय एकजुट दिखना चाह रही है। इसका बड़ा कारण यह है कि आगामी उपचुनाव जीतना सरकार के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है और यह कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाला भी होगा। यही वजह है कि पार्टी सभी मोचरें पर एकजुटता दिखानी चाहती है।