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जयपुर में सप्तशक्ति कमान के दो जनरलों के बीच अधिकारों की जंग का मामला सेना प्रमुख तक पहुंचा

जयपुर की दक्षिणी पश्चिमी कमान में दो शीर्ष कमांडरों के बीच तनातनी। थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे तक पहुंच गया मामला। दोनों के बीच मामला सुलझाने के लिए थ्री-स्टार जनरल की नियुक्ति।

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Army Chief General MM Naravane appoints 3 star officer to resolve War of rights between two officers of Saptashakti Command

नई दिल्ली। भारत जब एक साथ दो मोर्चों पर युद्धक स्थिति से जूझ रहा है तो जयपुर की दक्षिणी पश्चिमी कमान में दो शीर्ष कमांडरों के बीच अधिकारों की जंग चल रही है। यह जंग इतनी बढ़ गई है कि थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को दोनों कमांडर्स के बीच मामला सुलझाने के लिए एक थ्री-स्टार जनरल को नियुक्त करना पड़ा है। इस बात की शिकायत, एक पत्र के माध्यम से रक्षा मंत्रालय और थलसेना प्रमुख तक पहुंची है।

इस पत्र के मिलने के बाद थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने एक थ्री-स्टार जनरल (लेफ्टिनेंट जनरल) को मामले के निवारण के लिए नियुक्त किया। बताया जा रहा है कि दक्षिण-पश्चिमी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल आलोक कलेर (नंबर 1) और चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल के के रप्सवाल (नंबर 2) के बीच पॉवर को लेकर जंग चल रही है।

इनके बीच यह जंग प्रशासनिक-शक्तियों (पोस्टिंग इत्यादि को लेकर) को लेकर चल रही है। इसीलिए सेना प्रमुख ने मामला सुलझाने के लिए एक थ्री-स्टार जनरल को ही नियुक्त किया है।

गौरतलब है कि जयपुर स्थित दक्षिणी पश्चिमी कमान को सप्तशक्ति के नाम से भी जाना जाता है। इसके पास पाकिस्तान से सटे निचले पंजाब और पूरे राजस्थान की सीमा की जिम्मेवारी है। पोखरण सहित पूरा थार रेगिस्तान इसी कमान के अंतर्गत आता है।

चीन से चल रही तनातनी के चलते पूरी दक्षिण-पश्चिम कमीन अलर्ट पर है क्योंकि चीन और पाकिस्तान की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं रही हैं।

Updated on:
23 Sept 2020 11:32 am
Published on:
23 Sept 2020 07:00 am
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