
BJP legal members meet to Collector (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। नायब तहसीलदार की पिटाई (Naib Tehsildar Beaten Case) मामले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के ऊपर दर्ज एफआईआर के बाद भाजपा और प्रशासनिक अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल किया, जिससे कामकाज ठप रहे। इस मामले में भाजपा विधि प्रकोष्ठ जिला सरगुजा ने राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालीन और कलमबंद हड़ताल को पूर्णत: गैर कानूनी, जनविरोधी एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करने वाला कदम बताया है। इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
भाजपा विधि प्रकोष्ठ (BJP Legal Committee) के जिला संयोजक जन्मेजय पाण्डेय ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीके रंगराजन बनाम तमिलनाडु राज्य 2003 प्रकरण में स्पष्ट किया जा चुका है कि शासकीय सेवकों को हड़ताल पर जाने का कोई मौलिक अथवा वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
इसके बावजूद राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी सामूहिक रूप से कार्य बंद (Revenue officers on strike) कर शासन एवं प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-6 का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम जनता, किसानों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ विभाग है।
ऐसे समय में कार्य बंद होने से नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति.निवास प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख एवं अन्य आवश्यक सेवाएं पूरी तरह प्रभावित होंगी, जिससे आम नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
इस अवसर पर धनंजय मिश्रा, श्यामलाल गुप्ता, प्रकाशमणि त्रिपाठी, संदीप तिवारी, विवेक पाण्डेय, अश्विनी पाण्डेय, पीयूष त्रिपाठी, साक्षी सिंह, सुष्मिता चक्रवर्ती, शिवदत्त शर्मा, आशा जायसवाल, अरविन्द कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने कहा कि सीतापुर विधायक (Sitapur MLA) से संबंधित प्रकरण में शासन एवं जांच प्रक्रिया पर दबाव बनाने के उद्देश्य से इस प्रकार की हड़ताल की जा रही है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं विधि शासन के विरुद्ध है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि हड़ताल में शामिल राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों, लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 तथा अत्यावश्यक सेवा संधारण अधिनियम के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन एवं सेवा समाप्ति जैसी कार्यवाही तत्काल की जाए।
Published on:
29 May 2026 09:21 pm
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