
नई दिल्ली। असम के डिब्रूगढ मेडिकल कॉलेज में आग की घटना से अचानक अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि आग की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग मेडिकल कॉलेज प्रसूति विभाग के चाइल्ड वार्ड में लगी थी। आग लगते ही प्रसूति विभाग के चाइल्ड वार्ड में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर फायरकर्मियों ने आग को काबू में कर लिया। तब जाकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और मरीजों में राहत की सांस ली।
ढांचागत सुविधाओं का घोर अभाव
बता दें कि दो साल पहले असम के जोरहाट मेडिकल कॉलेज में प्रबंधन की लापरवाही और ढांचागत सुविधाओं के अभाव की वजह से 20 नवजात की मौत हो गई थी। जोरहाट मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डा.बरकटकी ने इस घटना को लेकर बताया था कि अस्पताल में ढांचागत सुविधाओं का अभाव है। इसलिए दिक्कतें आ रही हैं। ज्यादा दबाव होने के चलते एक-एक बिस्तर पर दो-दो नवजातकों को रखना पड़ता है। राज्य में पिछले कुछ सालों में धड़ाधड़ सरकारी स्तर पर मेडिकल कालेज खोले गए हैं। जबकि इन्हें चलाने के लिए पर्याप्त शिक्षा फैकल्टी और डाक्टरों का अभाव है।