ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमरीका इससे बाहर हो गया था। अमरीका ने 2050 तक वायु प्रदूषण शून्य करने का वादा किया।
नई दिल्ली। अमरीका के नवनियुक्त राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शपथ लेने के तत्काल बाद अंतर्राष्ट्रीय पेरिस जलवायु समझौते में अपने देश की वापसी की घोषणा की है। बता दें कि पेरिस जलवायु समझौता ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के लिए 2015 में हस्ताक्षर किए गए ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय समझौते में से एक है। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन काल में अमरीका इस समझौते से खुद को बाहर कर लिया था।
मीडिया एजेंसी सीएनएन के मुताबिक राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को पेरिस जलवायु समझौते में अमरीका के फिर से शामिल करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। बाइडेन का कहना है कि हम एक तरह से जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने जा रहे हैं जो हमने अब तक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कि अमरीका 2050 तक शूनय उत्सर्जन पर लाने का वादा किया है।
अमरीका के खिलाफ चीन का सख्त कदत
दूसरी तरफ अमरीका से डोनाल्ड ट्रंप की विदाई के तत्काल बाद चीन ने बड़ा कदम उठाते हुए अमरीका के 30 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ पाबंदी लगा दी है। न्यूज एजेंसी समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस के मुताबिक अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने के कुछ देर बाद ही चीन ने ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पिओ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन और संयुक्त राष्ट्र में राजदूत केली क्राफ्ट समेत करीब 30 अधिकारियों पर यात्रा और कारोबारी लेन-देन पर पाबंदी लगा दी। इनमें ट्रंप प्रशासन में आर्थिक सलाहकार रहे पीटर नवारू, एशिया के लिए शीर्ष राजनयिक डेविड स्टिलवेल, स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्री एलेक्स अजर के साथ पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और रणनीतिकार स्टीफन बैनन पर भी पाबंदी लगाई है।