बीजेपी एमएलए को कोटा से बच्चों को लाने की सदर एसडीओ ने दी थी इजाजत कोटा मामले में हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से मांगी रिपोर्ट छात्रों को वापस लाने का सीएम नीतीश ने किया था विरोध
नई दिल्ली। पटना हाईकोर्ट ( Patna High Court ) की ओर से कोटा में फंसे बिहार के छात्रों की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगने के बाद से नीतीश सरकार ( Nitish Government ) एक्शन मोड में है। बिहार सरकार ने तत्काल एक्शन लेते हुए बीजेपी विधायक अनिल सिंह ( BJP Mla Anil Singh ) को कोटा के लिए पास जारी करने वाले एसडीओ को सस्पेंड कर दिया है।
दरअसल, बिहार सरकार ने हिसुआ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अनिल सिंह को पास जारी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में राज्य सरकार ने नवादा के एसडीओ ( SDO ) को सस्पेंड कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बाबत जरूरी अधिसूचना जारी कर नवादा के एसडीओ अनु कुमार को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने के लिए अनुशासनिक कार्रवाई के लिए नवादा के डीएम को आदेश दिया गया है।
आपको बता दें कि BJP विधायक अनिल सिंह को अपने बच्चों को कोटा से लाने की परमिशन सदर एसडीओ ने दी थी। सदर एसडीओ की परमिशन लेटर में लिखा था कि विधायक अनिल सिंह के वाहन परिचालन की अनुमति लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए इस शर्त के साथ आदेश दिया जाता है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन नवादा के द्वारा जारी निर्देश का अक्षरशः अनुपालन करेंगे। इसके साथ ही सभी व्यक्ति को मास्क लगाना अति आवश्यक है।
इससे पहले राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाले बिहार के छात्रों को सुरक्षित घर वापसी को लेकर दायर याचिका पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अधिवक्ता अजय ठाकुर की याचिका पर पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। उनके निर्देश पर पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने राज्य के मुख्य सचिव को इस मामले पर बुधवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पत्र लिखा है।
छात्रों की घर वापसी का नीतीश सरकार ने किया था विरोध
कोटा में फंसे बिहारी छात्रों को वापस बिहार लाने का सीएम नीतीश कुमार ने यह कहकर विरोध किया था कि इससे लॉकडाउन का उद्देश्य सफल नहीं होगा। आज भी कोटा में बिहार के बहुतेरे छात्र फंसे हुए हैं लेकिन रसूखदार विधायक द्वारा अपने बेटे को कोटा वापस लाने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।