सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटाने के बाद विवाद दिनोंदिन और गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ हिन्दूवादी संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केरल सरकार के खड़े रूख के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने देवसवम मंत्री कदकंपल्ली सुरेंद्रन के निवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी इतने उग्र हो गए कि उन्हें हटाने के लिए राज्य सरकार को पानी की बौझार करनी पड़ी।
बता दें कि बुधवार को भी हिन्दूवादी संगठन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सड़को पर प्रदर्शन करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने विरोध जताने के लिए रैलियां व मार्च निकाले और सड़कों को जाम कर दिया।
क्या है विवाद
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश करने और पूजा करने की इजाजत दे दी है। बता दें कि कोर्ट के इस फैसले के पहले इस मंदिर में 10 वर्ष से बड़ी बच्चियों से 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर रोक थी। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) का उल्लंघन है। लेकिन केरल के लोग कोर्ट के इस फैसले से खुश नहीं है। वह कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे। वहीं, केरल इस बात पर कायम है कि वह शीर्ष न्यायालय में पुर्निवचार याचिका दायर नहीं करेगी। इससे लोगों का प्रदर्शन और उग्र हो गया है।