ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर का पता लगाया ISRO से अब तक विक्रम लैंडर का नहीं हुआ संपर्क
नई दिल्ली। मिशन चंद्रयान 2 से अब तक उम्मीदें नहीं टूटी है। विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बाद इसरो लगातार दोबार संपर्क स्थापित करने में लगा हुआ है। इसरो का कहना है कि चंद्रयान- 2 के ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर का पता तो लगा लिया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है
इसरो ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि लैंडर से संपर्क स्थापित करने की सारे संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक संपर्क स्थापित नहीं हो सका है लेकिन कयास लगाया जा रहा है कि इसरो दोबारा विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित कर सकता है।
गौरतलब है कि सोमवार को कहा गया था कि विक्रम चंद्रमा की सतह पर तिरछा पड़ा है और उसमें कोई टूट-फूट नहीं हुई है। इसरो ने बताया था कि ऑर्बिटर ने जो तस्वीर भेजी है, उसमें विक्रम का कोई टुकड़ा नहीं दिख रहा है। इसका मतलब है कि विक्रम लैंडर पूरी तरह सुरक्षित है। तब वैज्ञानिकों ने विक्रम से दोबारा संपर्क साधे जाने की संभावना व्यक्त की।
गौरतलब है कि 22 जुलाई को लॉन्च हुआ चंद्रयान- 2 लगातार 47 दिनों तक तमाम बाधाओं को पार करते हुए चांद के बेहद करीब पहुंच गया था। 6-7 सितंबर की रात इसके लैंडर विक्रम को अपने अंदर रखे रोवर प्रज्ञान के साथ चंद्रमा की सतह पर उतरना था।
लेकिन, 2.1 किमी की दूरी पर ही वह रास्ता भटक गया और उसका इसरो से संपर्क टूट गया। इसके बाद से इसरो लगातार विक्रम लैंडर सें सपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा था कि 14 दिनों तक विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। अब देखना यह है कि इसरो अपने मकसद में कामयाब हो पाता है या फिर कुछ और परिणाम सामने आता है।