विविध भारत

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को देख वकील ने कहा,तू जियो हजारों साल…CJI ने दिया ये जवाब

जस्टिस मिश्रा ने वकील को अपने अनोखे अंदाज में बीच में ही रोकते हुए कहा कि अभी वह दिल से बोल रहे हैं, हालांकि शाम के वक्त दिमाग से जवाब देंगे।

2 min read
Oct 01, 2018
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को देख वकील ने कहा,तू जियो हजारों साल...CJI ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली। जस्टिस दीपक मिश्रा ने सोमवार को अंतिम बार सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में कोर्ट परिसार में वकीलों और जजों से मुलाकात की। अंतिम कार्यदिवस पर उनकी विदाई के दौरान एक वकील के गीत ‘तू जियो हजारों साल...’ गाया तो जस्टिस मिश्रा मुस्कुरा दिए। जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपने अदालत कक्ष में केवल 25 मिनट तक सुनवाई की। उनके साथ पीठ में अगले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस ए एम खानविलकर भी शामिल थे।

अभी दिल से लेकिन शाम को दिमाग से जवाब देंगे: जस्टिस मिश्रा

जस्टिस मिश्रा ने सोमवार को त्वरित सुनवाई संबंधी कोई याचिका नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि अब इस मामले की सुनवाई तीन अक्टूबर को नए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई करेंगे। अन्य मामलों की सुनवाई के दौरान जस्टिस मिश्रा भावुक हो गये, जिसके बाद एक वकील खुद को रोक नहीं सका और उसने ‘तू जियो हजारों साल ...’गाकर अपनी भावुकता का इजहार किया। तब जस्टिस मिश्रा ने वकील को अपने अनोखे अंदाज में बीच में ही रोकते हुए कहा कि अभी वह दिल से बोल रहे हैं, हालांकि शाम के वक्त दिमाग से जवाब देंगे।

पूरी दुनिया में भारतीय न्यायपालिका मजबूत: जस्टिस मिश्रा

अपने फेयरवेल पार्टी को संबोधित करते हुए जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि पूरी दुनिया में सबसे मजबूत भारतीय न्यायपालिका है। यहां सभी न्यायाधीशों की वजह से लोगों के अधिकारों का कद्र होता है और सुरक्षित रखा जाता है। उन्होंने कहा कि हमलों के बावजूद हमारी न्यायपालिका मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली की भी तारीफ की। जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इसी सिस्टम की वजह से सुप्रीम बना हुआ है।

गरीब और अमीर के आंसू समान: जस्टिस मिश्रा

जस्टिस मिश्रा ने कहा कि न्याय का मानवीय चेहरा और मानवीय वैल्यू होना जरूरी है। क्योंकि गरीब और अमीर के आंसू के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि मैं भी युवा पीढ़ी का हिस्सा हूं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि न्याय का मानवीय चेहरा और मानवीय वैल्यू होना जरूरी है। इंसाफ के दोनों पलड़ों में संतुलन होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैं भी युवा पीढ़ी का हिस्सा हूं। उन्होंने कहा कि जस्टिस गोगोई न्यायिक स्वायत्तता और गरिमा की आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह बार एसोसिएशन के आभारी हैं और वह यहां से पूरे मन से विदा ले रहे हैं।

ये भी पढ़ें

एनआरसी मामलाः राजनाथ सिंह ने त्रिपुरा के जनजातीय नेताओं को भेजा बुलावा, गुरुवार को होगी वार्ता
Published on:
01 Oct 2018 09:55 pm
Also Read
View All