
नई दिल्ली। कोरोना (COVID-19) का इलाज ढूंढ़ने में दुनिया के तमाम वैज्ञानिक लगे हुए हैं। कई भारतीय कंपिनयां भी इसमें जुटी हुई हैं। ग्लेनमार्क (Glenmark) और हेटेरो (Hetero Drugs) के बाद अब मशहूर दवा कंपनी सिप्ला (Cipla Limited) भी जल्द ही कोरोना वायरस की दवा मार्केट में उतारने जा रहा है। सिप्ला कंपनी को DCGI से रेमडेसिवीर (Remdesivir) दवा पेश करने की अनुमति मिल गई है। मालूम हो कि शुक्रवार को पहले ग्लेनमार्क ने FabiFlu नामक दवा लांच की। वहीं रविवार को हेटरो और सिप्ला को भी दवा लांच करने की अनुमति मिली। इसके साथ ही दो दिन में तीन बड़ी दवा कंपनियों को कोरोना की दवाई बनाने की परमिशन दी गई।
सिप्ला कोरोना की दवा को बाजार में CIPREMI के ब्रांड नाम से उतारेगी। ये रेमडेसिवीर (Remdesivir) दवा होगी। कंपनी ने रविवार को इस बारे में पूरी जानकारी दी। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मिली मंजूरी के बाद अब कंपनी इस दवा का इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग देगी और मरीजों से इस सिलसिले में एक फॉर्म भरवाएगी। पोस्ट मार्केट सर्विलांस के अतिरिक्त कंपनी मरीजों पर चौथे चरण का क्लिनिकल ट्रायल भी करेगी।
रेमेडेसिवीर के दिखे पॉजिटिव रिजल्ट
कोरोना के इलाज में रेमडेसिवीर दवा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलें। अमेरिका, यूरोप और एशिया के 60 सेंटर्स में करीब 1063 मरीजों पर इसका ट्रायल किया गया था। इस दवा को दिए जाने वाले पेंशेंट्स की रिकवरी रेट बढ़ी है। साथ ही इससे मरीजों में मृत्यु दर 7.1 फीसदी रही। ऐसे में सिप्ला कंपनी इस दवा पर भरोसा जताते हुए इसे लांच करने का फैसला लिया। कंपनी इस दवा की सप्लाई सरकारी व ओपेन मार्केट चैनल के जरिए करेगी।
103 रूपए की टैबलेट है FabiFlu
ग्लेनमार्क ने भी माइल्ड कोविड-19 वाले मरीजों के लिए FabiFlu नामक दवा को शुक्रवार को लांच कियाा। FabiFlu कोविड-19 की इलाज के लिए सरकारी मंजूरी प्राप्त करने वाली पहली Favipiravir दवा है। 103 रुपए की इस टैबलेट का इस्तेमाल पहले दिन डॉक्टर्स की सलाह पर 1,800 mg दो बार किया जा सकता है। इसके बाद अगले 14 दिन तक 800 mg का डोज़ दिन में दो बार दिया जा सकेगा।
‘कोविफोर’ नाम से आएगी दवा
दवा कंपनी हेटेरो (Hetero) ने भी रविवार को रेमडेसिवीर लॉन्च करने का ऐलान किया। DCGI से मिली अनुमति के तहत कंपनी इस दवा को ‘कोविफोर’ ब्रांड नाम से बाजार में उतारेगी। इसका प्रयोग व्यस्कों और बच्चों में किया जाएगा। इससे उन मरीजों का इलाज किया जाएगा जो कोविड—19 संक्रमित हैं या उनमें इसके लक्षण देखने को मिल रहे हैं।