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CLAT परीक्षा: सर्वोच्च अदालत ने काउंसलिंग रोकने से किया इनकार, 11 जून को होगी अगली सुनवाई

सर्वोच्च अदालत के जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि CLAT की काउंसलिंग को अभी नहीं रोका जा सकता है।
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Updated: 6 Jun 2018, 7:58 PM IST
CLAT Exam 2018
CLAT परीक्षा: सर्वोच्च अदालत ने काउंसलिंग रोकने से किया इनकार, 11जून को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने कॉमन लॉ एडमीशन टेस्ट (CLAT) 2018 की काउंसलिंग रोकने की अर्जी को खारिज कर दिया है, लेकिन इस मामले में अंतिम आदेश सुनवाई पूरी होने के बाद देगी। सर्वोच्च अदालत के जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि clat की काउंसलिंग को अभी नहीं रोका जा सकता है। बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून को होगी।

तकनीकी दिक्कतों के शिकायत के लिए कोर्ट ने बनाई थी कमेटी

आपको बता दें कि देश के 19 प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों में प्रवेश के लिए 13 मई को परीक्षा हुई थी। लेकिन कुछ स्थानों के छात्रों ने तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया था। कोर्ट ने इस तकनीकी दिक्कतों को देखने के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस) ने एक कमेटी गठित की थी और कहा था कि विद्यार्थी अपनी शिकायत यहां दर्ज करा सकते हैं जिसके बाद यह कमेटी अपनी रिपोर्ट अदालत में जमा करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा कि क्या करना हैं। कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट कोर्ट में जमा की। कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान काउंसलिंग पर रोक लगाने की अर्जी लगाने वाले अधिवक्ता ने कोर्ट से प्रक्रिया को 11 जून तक रोके जाने का अनुरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया शुरू होने के बाद वह अपने पूर्व आदेश को नहीं बदल सकता।

19 कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्रों ने आवेदन दिया है

आपको बता दें कि CLAT के तहत होने वाले परीक्षा में 19 कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्रों ने आवेदन किया है। देश भर से करीब 54 हजार छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल हुईं थी। लेकिन ऑनलाइन होने वाले इस परीक्षा में कई जगहों पर विद्यार्थियों ने तकनीकी खामियां होने की शिकायत कर परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था।

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