गैर कानूनी तरीके से भूमि कब्जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना इसका मकसद। भूमि के सरकारी दर के बराबर जुर्माना भी लगाया जा सकता हैं
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विधानसभा में बीजीपी सरकार द्वारा पारित गुजरात भूमि कब्जा निषेध अधिनियम आज से प्रदेशभर में लागू हो जाएगा। अगस्त में इस कानून को गुजरात सरकार की कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी थी। इस अधिनियम का मकसद गुजरात में गैर कानूनी तरीके से भूमि कब्जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।
6 माह के अंदर होगा विवादों का निपटारा
बता दें कि गुजरात सरकार ने राज्य में भूमि कब्जाने की गतिविधि पर रोक के लिए एक सख्त कानून लाने का निर्णय अगस्त में लिया था। इस कानून के दायरे में आने वाले दोषियों के लिए 14 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात लेंड ग्रैबिंग प्रोहिबिशन एक्ट पर अमल के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा। इस तरह के मामलों का छह महीने के भीतर निपटारा किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि भूमि कब्जाने के दोषी पाए गए व्यक्तियों को 10 से 14 वर्ष की सजा हो सकती है। साथ ही उन पर संबंधित जमीन की सरकारी दर के बराबर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।