
मुकेश केजरीवाल, नई दिल्ली। कोरोना से बचाव में बेहद कारगर साबित हो रहे टीके चंद हफ्तों में ही भारत में भी आ जाएंगे यह भरोसा तो पीएम मोदी ने जरूर दिया है, लेकिन सभी को मुफ्त में यह टीका देने की सरकार की कोई योजना नहीं होगी। वरिष्ठ नागरिकों को भी मुफ्त टीका देने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। इसे सस्ती दर पर मुहैया करवाने की कोशिश जरूर की जाएगी।
शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान भी विपक्ष के कुछ नेताओं ने जानना चाहा कि सभी लोगों को ये टीके कब तक मिलेंगे, क्या उन्हें सरकार मुफ्त में उपलब्ध करवाएगी और अगर कोई खरीदना चाहेगा तो उसे कितनी रकम देनी होगी। लेकिन सरकार की ओर से इस पर कुछ नहीं कहा गया है। बैठक के अंत में पीएम ने यह जरूर कहा, वैक्सीन की कीमत कितनी होगी, यह सवाल स्वभाविक है। केंद्र सरकार इस बारे में राज्य सरकारों के साथ बात कर रही है।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा नहीं
बैठक में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोरोना टीके के वितरण के लिए यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के ढांचे का इस्तेमाल जरूर किया जाएगा, लेकिन यह इसका हिस्सा नहीं होगा। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लगभग एक दर्जन तरह के टीके मुफ्त लगाए जाते हैं।
टीके का प्रचार होगा
टीके को ले कर लोगों में कोई संदेह या विरोध नहीं रहे, इसके लिए केंद्र की ओर से व्यापक स्तर पर जागरुकता और प्रचार की व्यवस्था की जा रही है।
बीमार बुजुर्गों को मिलेगा मुफ्त
ये बताते हैं कि जिन बुजुर्गों को कोई दूसरी गंभीर बीमारी हैंए उन्हें यह मुफ्त देने का प्रस्ताव है। लेकिन दूसरे बुजुर्गों को इसके लिए पैसे खर्च करने हो सकते हैं। अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कंपनियां अपने लिए खरीद सकेंगी
स्वास्थ्य और दूसरी जरूरी सेवाओं में लगे तीन करोड़ लोगों की व्यवस्था के साथ ही सरकार कुछ विशेष सेवाओं में लगी निजी और सरकारी कंपनियों को भी यह इजाजत दे सकती है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए इसे सीधे टीका कंपनी से ही खरीद सकें। उन कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो आवश्यक सेवाओं में हों या निर्यात में बड़ा योगदान करती हों।