
मुकेश केजरीवाल, नई दिल्ली। युनाइटेड किंगडम में पाए नए स्ट्रेन की गंभीरता को देख केंद्र सरकार ने देश के उन इलाकों में भी इसकी तलाश शुरू कर दी है, जहां ब्रिटेन से कोई नहीं लौटा है। अब हर राज्य में पांच फीसदी कोरोना पॉजिटिव मरीजों के नमूनों की अनिवार्य रूप से पूरी जिनोम सिक्वेंसिंग होगी। इसी तरह जहां भी ऐसे स्ट्रेन के मरीज पाए गए हैं वहां के लिए सख्त कंटेनमेंट की योजना तैयार की गई है।
इनसैकॉग का कंसोर्टियम गठित
पत्रिका ने 22 दिसंबर को प्रकाशित खबर में पहले ही बताया था कि ऐसा सर्विलेंस पूरे देश में होगा और नए स्ट्रेन वाले इलाके में कंटेनमेंट योजना को नए सिरे से लागू किया जाएगा। शनिवार को नेशनल टास्क फोर्स की बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी घोषणा की। नए स्ट्रेन का सर्वे करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इनसैकॉग नाम का प्रयोगशालाओं का कंसोर्टियम भी गठित किया गया है।
इलाज और जांच को लेकर चिंता नहीं
नेशनल टास्क फोर्स में विशेषज्ञों ने कहा कि अब तक के साक्ष्यों के मुताबिक नए स्ट्रेन के संबंध में इलाज के प्रोटोकॉल में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसी तरह आइसीएमआर ने इसकी जांच के लिए हमेशा से दो या अधिक जीन एसेज का उपयोग करने की सिफारिश की है। इसलिए जांच में भी बदलाव की जरूरत नहीं होगी।