Coronavirus Vaccine :हैदराबाद यूनिवर्सिटी में जैव रसायन विभाग के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की संकाय सदस्य ने तैयार किया है टीका कम्प्यूटेशनल सॉफ्टवेयर और शक्तिशाली इम्यूनोइंफोर्मेटिक्स के जरिए टीके को कम समय में किया गया तैयार
नई दिल्ली। कोरोना (Coronavirus) के आतंक से देश को बचाने के लिए लगातार इसके इलाज पर काम चल रहा है। पुणे की एक कंपनी ने जहां टेस्टिंग किट (Testing kit) बनाकर इसमें सहूलियत दी। तो वही कर्नाटक के एक डॉक्टर ने कोरोना की दवा बनाए जाने की बात कही थी। अब हैदराबाद यूनिवर्सिटी (Hyderabad University) की ओर से भी कोरोना का टीका (Vaccine) बनाए जाने का दावा किया गया है। जिसे उन्होंने टी सेल एपिटोप्स नाम दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि विश्वविद्यालय ने ये टीका महज 10 दिनों में तैयार किया है।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में जैव रसायन विभाग के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की संकाय सदस्य डॉक्टर सीमा मिश्रा ने कोरोना का टीका बनाने का दावा किया है। इस सिलसिले में यूनिवर्सिटी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई। जिसमें बताया गया कि ये वैक्सीन छोटे कोरोनवायरल पेप्टाइड्स हैं, जो अणुओं की कोशिकाओं द्वारा उपयोग किया जाता है। इस टीके के जरिए वायरल पेप्टाइड्स को नुकसान पहुंचाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि वैसे तो एक टीके को बनाने में 15 साल का वक्त लगता है, लेकिन कम्प्यूटेशनल सॉफ्टवेयर के साथ शक्तिशाली इम्यूनोइंफोर्मेटिक्स का उपयोग करते हुए डॉक्टर सीमा मिश्रा ने इस टीके को महज 10 दिनों में डिजाइन किया है।’
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि यूनिवर्सिटी की ओर से इस तरह का पहला अध्ययन है। फिलहाल टीके को लेकर यह परिणाम अंतिम नहीं हैं। इन्हें प्रयोगात्मक कसौटी पर परखने के लिए प्रसारित किया गया है। इस बारे में डॉक्टर सीमा मिश्रा का कहना है कि टी सेल एपिटोप्स नामक यह टीका मानव कोशिका पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं डालेगा। साथ ही ये कोरोना वायरस के सभी संरचनात्मक और गैर संरचनात्मक प्रोटीन को रोकने में सक्षम होगा। अभी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका सामाजिक दूरी यानी (सोशल डिस्टेंसिंग)है। टीके को पूरी तरह से तैयार होने में अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन भविष्य में कई लोगों को इसका लाभ मिलेगा।