विविध भारत

ड्रोन से COVID-19 Vaccine की डिलीवरी के लिए सरकार ने दी अनुमति

कोरोना महामाही के बीच ड्रोन से वैक्सीन डिलीवरी किए जाने के लिए केंद्र सरकार ने अनुमति दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तेलंगाना सरकार को प्रायोगिक ड्रोन उड़ानों के लिए एक साल की छूट दी है।
2 min read
• •
Updated: 9 May 2021, 8:46 PM IST
IIT Kanpur develops unmanned drone helicopter: Video
IIT Kanpur develops unmanned drone helicopter: Video

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से बिगड़ते हालात के बीच ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार लगातार कड़े प्रयास कर रही है। इस कड़ी में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कोरोना वैक्सीन की डिलीवरी के लिए ड्रोन उड़ानों को मंजूरी दी है। मंत्रालय ने तेलंगाना सरकार को दृश्यता सीमा से आगे के लिए प्रायोगिक ड्रोन उड़ानों के जरिये कोविड वैक्सीन पहुंचाने की सशर्त अनुमति दी है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह छूट अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) रूल्स, 2021 के अंतर्गत दी गई है। यह छूट एसओपी की अनुमति दिए जाने के एक वर्ष की अवधि या फिर अगले आदेश तक जारी रहेगी।

पिछले महीने तेलंगाना सरकार ने अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) यानी मानवरहित विमान प्रणाली नियम के अंतर्गत दृश्यता सीमा के परे कोरोना वैक्सीनों को पहुंचाने के लिए प्रायोगिक ड्रोन उड़ानों की अनुमति दिए जाने की छूट मांगी थी।

मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, "ड्रोन के संचालन की अनुमन्य ऊंचाई भूतल के 400 फीट ऊपर तक के लिए है। नियम है कि उड़ान के समय का 15 मिनट वक्त का एनर्जी रिजर्व रखा जाए।"

इन नियमों के मुताबिक ड्रोन का संचालन स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त तक ही सीमित होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि टेक-ऑफ और लैंडिंग स्थान पर विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडिशंस (वीएमसी) यानी दृश्य मौसम स्थितियां होनी चाहिए। इसके अलावा ड्रोन निर्माता द्वारा बताई गई मौसम की जरूरतों-सीमाओं का पालन किया जाना चाहिए।

इस आदेश में यह भी बताया गया है कि परीक्षणों के पूरा होने के बाद तेलंगाना सरकार नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उड्डयन महानिदेशालय को विस्तृत प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट जमा करे।

इससे पहले केंद्र सरकार ने पिछले महीने इस योजना के अध्ययन को सशर्त मंजूरी दी थी, जिसके जरिये कोरोना वैक्सीन को ड्रोन के जरिये डिलीवर किया जाएगा। केंद्र सरकार के सामने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने यह विचार रखा था कि कोरोना वैक्सीन की तेज और पुख्ता डिलीवरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। ICMR ने इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के साथ काम करने की बात कही थी।

Updated on:
9 May 2021, 8:46 PM IST
Published on: