चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड यानी सीएससीएल व्यावसायिक और आवासीय प्रॉपर्टी के लिए एक डिजिटल डोर नंबर सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें क्यूआर कोड, यूनिक प्रॉपर्टी आईडी और भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी जीआईएस मैपिंग होगी।
नई दिल्ली। देश में स्मार्ट सिटी कैसी होंगी। वहां पर लोगों को किस तरह की सुविधाएं मिलेंगी। वहां पर प्रॉपर्टी किस तरह से मिलेगी। इसके लिए चंडीगढ़ बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है। चंडीगढ़ में वो काम होने जा रहे हैं जो आने वाले दिनों में देश की दूसरी स्मार्ट सिटी में दिखाई दे सकते हैं। जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड यानी सीएससीएल व्यावसायिक और आवासीय प्रॉपर्टी के लिए एक डिजिटल डोर नंबर सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें क्यूआर कोड, यूनिक प्रॉपर्टी आईडी और भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी जीआईएस मैपिंग होगी।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक ने जानकारी देते हुए कहा कि जैसे भारतीयों के लिए आधार कार्ड है वैसे ही यह प्रॉपर्टी का आधार होगा। इसका मकसद है कि सभी प्रॉपर्टी का जीआईएस मैप पर डिजिटल फुटप्रिंट हो। हम इसे पूरे चंडीगढ़ शहर के लिए करने जा रहे हैं। हम दस्तावेजों पर काम कर रहे हैं। साल के अंत तक यह लागू हो जाएगा।