मोदी सरकार के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार भी १२ साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के मामलों में मौत की सजा के लिए कानून लाएगी।
श्रीनगर। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के रेप के मामलों में दोषियों को फांसी देने के लिए कानून में संशोधन के बाद अब जम्मू-कश्मीर सरकार भी इसी तरह का कनून लाने जा रही है। कठुआ में 8 साल की बच्ची से रेप और हत्या के बाद देश भर में हुए व्यापक विरोध को देखते हुए मोदी मंत्रिमंडल सरकार ने शनिवार को 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा के प्रावधान संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी थी। केंद्र ने पॉक्सो यानि Protection of children against sexual offences एक्ट में इस आशय के बदलाव को मंजूरी दे दी। बता दें कि कठुआ में 8 साल की बच्ची का जनवरी में कई दिनों तक रेप किया गया था और फिर उसके बाद हत्या कर दी गई थी।
जम्मू-कश्मीर सरकार भी पाक्सो की तर्ज पर अब इसी तरह का एक अध्यादेश लाने जा रही है। यह अध्यादेश अगले सप्ताह लाया जा सकता है।नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी इस तरह के अध्यादेश के समर्थन की बात कही है। उधर राज्य सरकार ने कहा है कि अध्यादेश का प्रारूप तैयार किया जा रह है और इसे अगले 7 से 10 दिनों में राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा। बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पारित अध्यादेश जम्मू-कश्मीर राज्य पर लागू नहीं होता है।
सभी पार्टियों का समर्थन
इस बारे में जानकारी देते हुए कश्मीर सरकार के कानून मंत्री अब्दुल हक खान ने कहा कि 'हमने बच्चियों से बलात्कार करने वालों को मौत की सजा देने के लिए अध्यादेश का एक मसौदा तैयार कर लिया है। यह अगले कैबिनेट की बैठक के दौरान पारित किया जाएगा।' नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने ऐसे किसी भी कानून का सर्थन करने की बात कही है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को तुरंत इस अध्यादेश को पारित करना चाहिए।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा पाक्सो एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता, साक्ष्य कानून, क्रिमिनल प्रोसीजर और पोक्सो में संशोधन का प्रावधान किया गया है। कठुआ में 8 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मामले में चार पुलिस वाले समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पाक्सो एक्ट क्या हुआ संशोधन
पक्षों कानून में लाये गए संशोधनों के तहत 12 साल से कम उम्र के बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को अदालतों द्वारा मौत की सजा देने की बात कही गई है। इसके साथ ही 16 वर्ष से कम आयु की किशोरी से बलात्कार के दोषियों को न्यूनतम सजा को 10 वर्ष कारावास से बढ़ाकर 20 वर्ष कारावास किया गया है । बारह साल से कम उम्र की लड़कियों से सामूहिक बलात्कार के दोषियों को उम्र कैद या फांसी की सजा देने का प्रावधान है।