Delhi Election2020: दिल्ली में arvind kejriwal फिर से प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रहे हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2020) के Result आने शुरू हो गए हैं। राजधानी की सभी 70 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। आखिरी परिणाम आने से पहले सभी सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं। रूझानों में केजरीवाल (kejriwal) की आम आदमी पार्टी (AAP) 70 सीटों में से 58 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं BJP 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पूरे चुनाव में सबसे बुरा हाल कांग्रेस (congress) का है। रूझानों को देखते हुए एक बात तो तय है कि केजरीवाल प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रहे हैं। सभी लोग अब इस सोच में पड़े हैं कि आखिर ऐसी कौन सी वजहें हैं जिसके चलते केजरीवाल दोबारा सरकार बनाने जा रहे हैं। आज हम आप को उन्हीं के बारे में बताएंगे।
केजरीवाल की ईमानदार छवि
दिल्ली वालों को केजरीवाल पर पूरा भरोसा है।चुनाव प्रचार में भी केजरीवाल ने केवल विकास के नाम पर वोट मांगे हैं। उनकी ईमानदार छवि इस जीत ता बड़ा कारण है।
फ्री बिजली, फ्री पानी
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में स्थानीय मुद्दे पर फोकस किया। इसका परिणाम भी सामने दिख रहा है। जहां भाजपा शाहिन बाग को मुद्दा बनाकर चुनाव में उतरी थी। वहीं आम आदमी पार्टी ने स्थानीय मुद्दों पर ज़ोर दिया। बिजली और पानी जैसे मुद्दे दिल्ली के लिए हमेशा से अहम थे। और केजरीवाल ले इन्हीं को उठाया।
शिक्षा के लिए किए गए काम
दिल्ली सरकार ने शिक्षा पर खूब काम किया था। स्कूलों की बेहतर होती स्थिति को कोई इंकार नहीं कर सकता। स्कूलों की हालत को बेहतर कर दिल्ली सरकार ने दिल्ली वालों को भरोसा जताया था कि वो उनके लिए काम करेगें।
भाजपा के पास नहीं था कोई चेहरा
लोकसभा चुनाव में PM मोदी के सामने कोई ऐसा चेहरा नहीं था जो उन्हें टक्कर दे सके। ऐसा ही मामला दिल्ली में भी था। केजरीवाल के सामने ऐसा एक भी चेहरा नहीं था जो दिल्ली वालों को लुभा सके। दिल्ली वालों को केजरीवाल की सियासत और नेतृत्व पर ज़्यादा भरोसा है।
'मुफ्त' देना फ़ायदेमंद रहा
केजरीवाल की सरकार दिल्ली की ज़्यादातर आबादी को बिजली और पानी मुफ्त देती है। वहीं, महिलाओं के लिए डीटीसी बसों और दिल्ली मेट्रो में सफर मुफ्त कर दिया गया। केजरीवाल ने अपने इन फैसलों से बड़े तबके को प्रभावित किया। लोगों को ये फ्री स्कीम खूूब पसंद आई। रिजल्ट सबसे सामने है।
नहीं किया मोदी पर हमला
इस पूरे चुनाव प्रचार में अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी पर कोई भी डायरेक्ट हमला नहीं किया। उनको ये पता चल चुकी थी कि मोदी की लोकप्रियता अब भी बरकरार है। बस उन्होंने मोदी को छोड़ सबको लपेटे में लिया।