विविध भारत

COVID 19: दिल्ली को बचाने के लिए सरकार ने बनाया मेगा प्लान, कंटेनमेंट जोन के बदले नियम

Containment Zone Mega Plan : कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों की हर 14 दिन में तीन बार होगी स्क्रीनिंग दिल्ली में लगभग 100 कंटेनमेंट जोन हैं
2 min read
May 01, 2020
containment1.jpg
Containment Zone Mega Plan

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को संक्रमण सेे बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। इसके तहत कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) के नियमों में काफी बदलाव किए गए हैं। इसके तहत इन इलाकों में आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। साथ ही यहं रहने वाले लोगों की अब हर 14 दिन में तीन बार स्कीनिंग (Screening) की जाएगी। इस सिलसिले में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक आदेश जारी किया है।

नए आदेश के मुताबिक दिल्ली में जिस इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा वहां लॉकडाउन के नियमों का कड़ा पालन होगा और स्क्रीनिंग पर जोर दिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली में करीब 100 कंटेनमेंट जोन हैं। सरकार ने ऐसे इलाकों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत इन सभी के स्वास्‍थ्य की नियमित जांच की जाएगी।

क्या होता है कंटेनमेंट जोन?
कन्टेनमेंट जोन वो इलाका होता है, जहां कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस मिले हो और प्रशासन को लगता है कि वहां से और संभावित मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में उस इलाके को पूरी तरह सील कर दिया जाता है। इतना ही नहीं ऐसे इलाके के तीन किलोमीटर तक की रेंज की चीजें भी बंद कर दी जाती है। यहां महज प्रशासन की अनुमति से ही आ सकते हैं। इसमें एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर पुलिस तैनात की जाती है।कन्टेनमेंट जोन में बिल्डिंग, हाऊसिंग सोसाइटी से लेकर स्लम पॉकेट और अस्पताल तक हो सकते हैं।

आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन पर होगा जोर
लोगों को कोरोना अपनी गिरफ्त में न ले सके इसके लिए आयुष मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस पर फोकस किया जाएगा। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें जागरुक किया जाएगा। साथ ही आरोग्य सेतु एप का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

आबादी के हिसाब से बन सकता है माइक्रो लेवल प्लान
कंटेनमेंट जोन में आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसलिए सरकार खुद ऐसे इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी कराएगी। अगर किसी कंटेनमेंट जोन की जनसंख्या दस हजार से ज्‍यादा है तो ऐसे इलाकों के लिए अगल से माइक्रो लेवल प्लान बनाया जाएगा। जिसमें सरकार के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर और सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो करवाए जाएंगे।

Published on:
01 May 2020 10:39 am