
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मेट्रो में महिलाओं के फ्री सफर को लेकर केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ दायर जनहित याचिका ( PIL ) की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त सफर के प्रस्ताव के विरोध को भी खारिज कर दिया है।
याची पर 10 हजार का जुर्माना ठोका
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में बताया है कि इस विषय पर फैसला लेने का काम दिल्ली सरकार के क्षेत्राधिकार में आता है। सरकार ही यह तय कर सकती है कि दिल्ली मेट्रों में महिलाओं को किराए में छूट देनी है या नहीं। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि महिलाओं को किराए में छूट का प्रस्ताव सही या नहीं और दिल्ली मेट्रो का किराया घटाना चाहिए या नहीं, पर नीतिगत फैसला करना राज्य सरकार का काम है न कि अदालत का।
नुकसान की भरपाई करेगी दिल्ली सरकार
बता दें कि हाल ही में दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने महिलाओं को दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा के फैसले का ऐलान किया था। इस बात की घोषणा करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। इसलिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों में महिलाओं को किराए से छुटकारा दिलाने के लिए नि:शुल्क यात्रा का फैसला किया है।
केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार के इस फैसले से उन्हें सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। महिलाओं को फ्री यात्रा देने में डीएमआरसी को होने वाले नुकसान की भरपाई दिल्ली सरकार करेगी।