दिल्ली पुलिस के जवान दीपक दाहिया ने किया घटना का खुलासा। बताया क्या हुआ था जब उनकी तरफ आ गया था संदिग्ध युवक।
नई दिल्ली। वैसे आप दिल्ली पुलिस के सिपाही दीपक दाहिया को भले ना जानते हों, लेकिन अगर आपसे कहा जाए वो तस्वीर याद कीजिए जिसमें उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान लाल टी-शर्ट पहने शाहरुख नामक युवक एक पुलिसकर्मी पर पिस्टल ताने हुए था, तो आप जरूर पहचान लेंगे। आज आपको रूबरू कराते हैं दीपक दाहिया से और बताते हैं कि उस वक्त दीपक ने क्या सोचा और क्या किया।
दिल्ली पुलिस का यह बहादुर पुलिसकर्मी दीपक दाहिया शुक्रवार को मीडिया के सामने आया। दीपक ने बताया कि मौजपुर हिंसा के दौरान 25 फरवरी को जब शाहरुख नामक एक युवक ने उन पर पिस्टल तानी, तो उन्होंने उसे अपनी लाठी से डराना चाहा, लेकिन उसने गोली चला दी और भाग गया।
मीडिया से बातचीत में दीपक दाहिया ने बताया, "मैंने देखा कि वह मेरी तरफ भागकर आ रहा है। मैंने उसे अपनी लाठी दिखाकर डराने की कोशिश की। इससे उसका ध्यान भटक गया और उसने सड़क के दूसरी ओर एक गोली चलाई और वहां से भाग गया।"
बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने वाले संदिग्ध शाहरुख को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस ने इस बात की जानकारी दी थी। हालांकि इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम को ही कहा था कि शाहरुख को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोमवार को पुलिस ने हाथ में तमंचा लिए लाल टी-शर्ट और नीली जींस पहने हुए व्यक्ति की पहचान शाहरुख के रूप में की थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शाहरुख की तलाश जारी है और पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन और विरोध में शुरू हुई उत्तर-पूर्वी दिल्ली की हिंसा ने बाद में सांप्रदायिक रूप ले लिया और इसमें अब तक कम से कम 42 लोगों की जान जा चुकी है।
इस हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल और इंटेलीजेंस ब्यूरो के सिक्योरिटी असिस्टेंट अंकित शर्मा की भी जान चली गई। जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस दौरान 630 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि 130 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, 30 एफआईआर आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज की गई हैं।