हवाई सफर के दौरान मास्क ( Face Mask ) नहीं पहनने पर उड़ान पर रोक लग सकता है। डीजीसीए ने एयरलाइंस के अधिकारियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट’ तैयार करने का निर्देश दिया।
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस ( Coronavirus Pandemic ) के कहर की वजह से हवाई यात्रा ( Air travel ) करते समय मास्क ( Face Mask ) पहनना अनिवार्य शर्त है। इस मामले में कुछ यात्रियों की लापरवाही का मामला सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ( DGCA ) ने एयरलाइंस को नया फरमान जारी किया है। सभी तरह की उड़ानों से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मास्क पहनने से इनकार करने वाले यात्रियों को नो फ्लाई लिस्ट ( No Fly List ) में डालें। ऐसे यात्रियों को उड़ान भरने से रोकने का भी निर्देश दिया गया है।
डीजीसीए के महानिदेशक अरुण कुमार ( DGCA Director General Arun Kumar ) ने कहा है कि जो यात्री सफर के दौरान फेस मास्क पहनने से मना करते हैं, उन्हें नो फ्लाई लिस्ट में रखा जा सकता है।
लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया है कि ऐसे यात्रियों के आगामी उड़ानों पर कब तक क ेलिए प्रतिबंध लग सकता है। इस बारे में बताया गया है कि यह केबिन क्रू द्वारा बताए गए आकलन पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है।
डीजीसीए के एक अधिकारी ने बताया है कि फ्लाइट के केबिन क्रू किसी यात्री को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की पहल करेगा। अगर कोई यात्री खाने-पीने कारण मास्क उतारता है तो उसपर कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन कोई जान बूझकर मास्क पहनने से इनकार करता है और दूसरों को खतरे में डालता है तो वह नो-फ्लाई सूची में डाले जाने जैसे सख्त कदमों को न्योता देगा।
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में मास्क पहनना अनिवार्य है। भारत ने दो महीने के प्रतिबंध के बाद 25 मई को अपने घरेलू उड़ान का संचालन फिर से शुरू कर दिया था। विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने ट्विट में बताया है कि वंदे भारत मिशन आशा, सहायता और खुशी का एक मिशन है। 13.5 लाख से अधिक लोगों को देश वापस लाया गया या फिर बाहर भेजा गया। गुरुवार को 4,110 लोगों की यात्रा के साथ मिशन जारी है।