Drone Pilots : डॉयरेक्टर जनरल सिविल एविएशन की ओर से ड्रोन प्रोजेक्ट पर किया जा रहा है काम, पायलट को दी जाएगी ट्रेनिंग महंगे ड्रोन को उड़ाने से लेकर उसकी सही लैंडिंग आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी, ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से लेना होगा यूआईएन
नई दिल्ली। देश में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में छोटे से लेकर बड़े स्तर पर अब ड्रोन (Drone) का काफी इस्तेमाल हो रहा है। रेलवे और तेल कंपनियां जहां इसका इस्तेमाल सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए कर रही है। वहीं अब डॉयरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (DGCA) भी ड्रोन के व्यापक प्रयोग पर जोर देगा। इसके लिए डीजीसीए ने खास प्लान भी तैयार किया है। जिसके तहत ट्रेंड पायलट महंगे और बड़े ड्रोन उडाएंगे। उन्हें ड्रोन पायलट (Drone Pilot) के नाम से जाना जाएगा। इसमें कमाई के भी बेहतर विकल्प होंगे। इसमें पायलट अच्छा पैकेज पा सकेंगे।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग के लिए डीजीसीए योजना तैयार कर रही है। हवाई क्षेत्र और उसके रिस्क को देखते हुए ड्रोन प्रोजेक्ट काम शुरू किया जाएगा। ये जानकारी सिविल एविएशन (Civil Aviation) मिनिस्ट्री की ओर से दी गई है। ड्रोन पायलट तैयार करने के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। ये प्रशिक्षण उन्हें फ्लाइंग एकेडमी और ट्रेंड कॉमर्शियल पायलट देंगे। ड्रोन के जरिए काम को आसान बनाने के लिए पायलट को जीपीएस मैप को समझना और उसकी सही लैंडिंग कराना जरूरी है। इसीलिए डीजीसीए की ओर से ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है।
क्लियरेंस के अलावा लेना होगा यूआईएन
ड्रोन उड़ाने के लिए इसका रजिस्ट्रेशन, ऑपरेटर परमिट और उड़ाने से पहले इसका क्लियरेंस लेना जरूरी है। साथ ही यूआईएन (यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर) और यूएओपी (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट ऑपरेटर परमिट) की भी जरूरत होगी। ये खास नंबर डीजीसीए की डिजिटल स्काय नाम नामक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। यूआईएन के लिए 1 हजार और यूएओपी के लिए 25 हजार रुपए फीस देनी होगी। यूएओपी 5 साल तक वैलिड होगा। इसके बाद इसका रिन्युअल कराना होगा। उसमें 10 हजार रुपए फीस चुकानी होगी।