
नई दिल्ली। कोरोना जांच के लिए भारतीय सेना अपने श्वान दस्तों की मदद ले रही है। ये श्वान पसीने और यूरिन को सूंघकर बता देते हैं कि व्यक्ति को कोरोना है या नहीं। सूंघने की जबरदस्त क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले श्वान दस्ते खोज और बचाव कार्यों में मददगार रहते हैं। अब ये नई जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु की प्रजाति के दो श्वानों को पसीने और यूरिन के नमूनों को सूंघकर कोविड-19 का पता लगाने का प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को दिल्ली छावनी के सैन्य पशु चिकि त्सालय में इनकी क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
विदेशों में पहले से-
ब्रिटेन, फिनलैंड, फ्रांस, रूस, जर्मनी, लेबनान, यूएई और अमरीका में भी कोविड-19 का पता लगाने के लिए श्वानों को प्रशिक्षित किया गया है। विदेशों में पहले मलेरिया, मधुमेह का पता लगाने में इनका इस्तेमाल किया जाता था। भारत में पहली बार चिकित्सा संबंधी जानकारी के लिए श्वानों का इस्तेमाल हो रहा है।