इस बार रमेशचंद्र ने दावा किया है कि उन्हें मां दुर्गा की ओर से आदेश मिला था कि मैं बिना टिकट देश भ्रमण के निकलूं।
अहमदाबाद। खुद को भगवान विष्णु का अवतार बताने वाले रमेशचंद्र फेफर इन दिनों काफी चर्चाओं में हैं। गुजरात में अच्छे मानसून की भविष्यवाणी करने के बाद अब रमेशचंद्र दूसरी वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार रमेशचंद्र ने दावा किया है कि उन्हें मां दुर्गा की ओर से आदेश मिला था कि मैं बिना टिकट देश भ्रमण पर निकलूं। बता दें कि रमेशचंद्र सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी (एसएसपीए) में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात हैं।
भगवान से हमेशा रहा है संपर्क
रमेशचंद्र का दावा है कि वह मां दुर्गा का साधक हैं और बिना टिकट यात्रा का आदेश मां दुर्गा ने उसको दिया है। रमेशचंद्र का कहना है कि उसे मां दुर्गा और भगवान विष्णु की ओर से मानवता की भलाई के लिए काम करने का आदेश मिला है। अधीक्षण अभियंता ने यह भी दावा है कि वह हर समय भगवान के साथ संपर्क में रहते हैं। यही नहीं मां दुर्गा का भी उन पर पूरा नियंत्रण है। इंजीनियर का यहां तक दावा है कि वो दोहरे व्यक्तित्व वाले इंसान हैं। उनका एक भाव जीव और उूसरा पार ब्रह्म है।
इस तरह भगवान से करते हैं बात
रमेशचंद्र का दावा है कि जब वह 14 फरवरी 2008 को राजकोट में थे, तो उनको इस दिव्य शक्ति का अहसास हुआ। रमेशचंद्र के अनुसार इस दौरान उनके दिमाग का दाहिना भाग सक्रिय हो गया, जिससे उनको भगवान विष्णू का अंश होने का भान हुआ। इंजीनियर के अनुसार लगभग दो साल बाद 6 मार्च 2010 को जब वह ड्यूटी पर थे, मुझे भगवान विष्णु के खुद के भीतर होने के अहसान हुआ और तब से मैं उनसे जुड़ा रहता हूं।