
नई दिल्ली। तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर बीते 90 दिनों से अधिक समय से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच किसान आंदोलन से जुड़े 'टूलकिट' मामले (Toolkit case) में गिरफ्तार 21 साल की पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि ( Disha Ravi ) को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिशा रवि की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एक लाख रुपये के निजी मुचलका भरने की शर्त पर जमानत दी है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से अपील की थी कि दिशा से पूछताछ करने के लिए रिमांड की अवधि बढ़ाया जाए, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा (Additional Session Judge Dharmender Rana) ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अब तक सभी तथ्यों को देखने के बाद आरोपी दिशा को जमानत पर रिहा किया जाता है। जमानत देते हुए जस्टिस राणा ने दिशा को एक लाख रुपये का मुचलका भरने और इतनी ही रकम के दो जमानती जमी करने को कहा है।
दिल्ली पुलिस ने मांगी थी पांच दिन की रिमांड
आपको बता दें कि इससे पहले टूलकिट मामले में कोर्ट ने दिशा को 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा था। बाद में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से अपील की थी कि रिमांड की अवधि को बढ़ाया जाए, इसपर कोर्ट ने एक दिन के लिए दिशा को फिर से रिमांड पर भेज दिया था।
मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने अदालत से पांच दिन की रिमांड फिर से मांगी थी। पुलिस ने कोर्ट से कहा कि साजिश बहुत बड़ी है और सबको आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। टूलकिट का मामला 11 जनवरी से शुरू हुई है। पुलिस ने बताया कि 11 जनवरी को जूम मीटिंग हुई थी, जिसमें 4 लोग जुड़े होते हैं। इस मामले में शांतनु और निकिता दो सह आरोपी हैं। इससे पहले शांतुनु को वहां के कोर्ट ने 10 दिन का ट्रांजिट बेल दिया है।
बता दें कि दिशा रवि पर आरोप है कि वह किसान आंदोलन में खालिस्तानी कनेक्शन में शामिल रही हैं। दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।