किसान और मजूदूरों के नाम पर जो हुआ वो अफसोसजनक। कुछ लोग युवकों को उकसाकर लाल किला ले गए।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हिंसा फैलाने में शामिल आरोपियों के नाम एक-एक कर सामने आने लगे हैं। इन्हीं आरोपियों में से एक किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने आज हिंसक घटनाओं के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूरों के नाम पर जो कुछ हुआ वो अफसोसजनक है।
कुछ लोग शांतिपूर्ण आंदोलन में घुस आए
श्रवण सिंह पंढेर ने कुछ किसान नेताओं पर हिंसा के लिए युवकों को उकसाने का आरोप लगाया। वहीं लोग युवकों को लालकिला ले गए। ऐसे कुछ कुछ लोग हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन में घुस गए। हमने बैरिकेड हटाए न कि हिंसा की।
रवनीत बिट्टू ने लगाए थे आरोप
बता दें कि पंजाब से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कल सरवन सिंह पंढेर पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उन्होंने दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना का भी नाम लिया था। बिट्टू ने हिंसा के तीनों आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है।