
नई दिल्ली। कृषि संबंधी कानूनों को लेकर आज केंद्र सरकार और किसानों के बीच आठवें दौर की बातचीत होगी। आंदोलनरत किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान संघों के नेताओं का कहना है कि जब तक कि हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सरकार की ओर से समस्या का समाधान निकलने के संकेत दिए हैं।
आज की बैठक से पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज का एजेंडा स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट, तीन कृषि क़ानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क़ानून बने। हम वापस नहीं जाएंगे। अब तक 60 किसान शहीद हो चुके हैं। सरकार को जवाब देना होगा।
भारतीय किसान यूनियन कादियां गुट के प्रधान हरमीत सिंह ने कहा कि 13 जनवरी को हम कृषि क़ानूनों की कॉपियां जलाकर लोहड़ी के त्योहार को मनाएंगे। 6 से 20जनवरी के बीच देशभर में किसानों के पक्ष में धरना-प्रदर्शन, मार्च आदि आयोजित किए जाएंगे। 23 जनवरी को आज़ाद हिंद किसान दिवस मनाया जाएगा।