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Ganesh Visarjan 2020: कोरोना ने बदला गणपति विजर्सन का अंदाज, मुंबई में बप्पा के लिए बनया गया चलता-फिरता तालाब

Ganesh Visarjan 2020 : खाली प्लाटों में भी की गई गणपति विसर्जन की व्यवस्था, कई लोग घरों में बप्पा को दे रहे अंतिम विदाई बीएमसी की ओर से ट्रक में बनाए गए तालाब, सोसायटी में घूमकर विसर्जन में भक्तों की करेंगे मदद

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Sep 01, 2020
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Ganesh Visarjan 2020

नई दिल्ली। हर साल पूरे देश में गणेश महोत्सव (Ganesha Mahotsava) बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। 11 दिनों के इस पर्व में लोग बप्पा की आराधना करते हैं और गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2020) पर उनका विसर्जन करते हैं। आज यानि 1 सितंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में गणपति विसर्जन (Ganesh Visarjan) किया जा रहा है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस बार विसर्जन का अंदाज काफी जुदा है। ज्यादातर लोग जहां घरों में ही बप्पा को विदाई दे रहे हैं तो वहीं मुंबई में इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं। समुद्री तटों पर लोगों की भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए बीएमसी ने चलता-फिरता तालाब बनाया है। जिसे पॉन्ड्स ऑन व्हील्स (Ponds On Wheels) नाम दिया गया है। ये पूरे शहर में घूमेगा, जिसमें लोग विसर्जन कर सकते हैं।

वैसे तो हर साल मुंबई में गणेश महोत्सव की खास रौनक देखने को मिलती है। मगर इस बार कोरोना के चलते त्योहार की चमक फीकी पड़ गई है। समुद्री किनारों पर लोगों की भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए मुंबई में मूविंग पॉन्ड्स बनाए गए हैं। ट्रक के पिछले हिस्से को पॉन्ड में तब्दील किया गया है। ट्रक हाउसिंग सोसायटी में घूमकर लोगों को बप्पा की विदाई में मदद करेंगे। फिल्हाल, मुंबई के दादर, माहिम और आसपास के कुछ इलाकों के लिए ऐसे तीन ट्रक तैयार हैं।

ऐप से बुक कराएं अपनी टाइमिंग
BMC ने कई खाली प्लॉट में 167 आर्टिफिशयल टैंक भी बनाए हैं। इसके लिए एक ऐप भी लॉन्च किया है। जहां से लोग विसर्जन के लिए अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसमें उन्हें पूजन और विसर्जन प्रक्रिया के लिए आधे घंटे का समय मिलेगा। बुकिंग के बाद उन्हें कहां और कितने बजे आना है ये जानकारी उन्हें ऐप के जरिए मिल जाएगी।

घरों में हो रहा विसर्जन
कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार ज्यादातर लोगों ने बप्पा के विसर्जन की तैयारी घरों में ही की है। वे घर पर टैंक या अन्य किसी चीज में पानी भरकर बप्पा को उसमें विदाई दे रहे हैं। लोगों का मानना है कि इससे समुद्र तट साफ भी रहेंगे। साथ ही भीड़-भाड़ में जाने से भी बचेंगे। इससे संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा।

Published on:
01 Sept 2020 11:36 am