विविध भारत

दवाओं और कॉस्मेटिक्स पर बड़ा कदमः असली-नकली, शाकाहारी-मांसाहारी सब पता चलेगा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवाओं और कॉस्मेटिक्स में मिलावट, ज्यादा कीमतों समेत कई समस्याओं से निपटने के लिए पहल की है। इससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा।
less than 1 minute read
Drug and Cosmetic
दवाओं और कॉस्मेटिक्स पर बड़ा कदमः असली-नकली, शाकाहारी-मांसाहारी सब पता चलेगा

नई दिल्ली। दवाओं और कॉस्मेटिक्स (सौंदर्य प्रसाधन) को लेकर मोदी सरकार जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की नई योजना के मुताबिक दवाओं पर बार कोड और कॉस्मेटिक्स पर एक विशेष निशान लगाया जाएगा, जो उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण करने में मददगार साबित होगा। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की बैठक में इस फैसले पर मुहर लग चुकी है।

पता चलेगा दवा असली है या नकली

फार्मा प्राइसिंग अथॉरिटी की ओर से कीमतों पर नियंत्रण किए जाने के बाद अब एक और आगे बढ़ा जा रहा है। दवाओं पर लगने वाले बार कोड से उपभोक्ताओं को दवाओं की वास्तविक कीमत पता चल सकेगी। साथ ही यह भी पता चलेगा कि दवा असली है या नकली है। यह बार कोड मोबाइल के IMEI नंबर की तरह होगा। बार कोड के साथ ही दवा के पत्ते या शीशी पर कंपनी का मोबाइल नंबर भी अंकित होगा। इस नंबर पर बार कोड मैसेज करके दवा की गुणवत्ता और वास्तविक कीमत दोनों का पता लगाया जा सकेगा।

कॉस्मेटिक्स में होगा ये बदलाव

प्राप्त जानकारी के मुताबिक दवाओं के साथ ही कॉस्मेटिक्स को लेकर भी अहम कदम उठाया गया है। सौंदर्य प्रसाधनों में अक्सर ऐसे तत्वों का इस्तेमाल होता है जो आपकी धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर सरकार ने सौंदर्य प्रसाधनों पर एक निशान लगाने का फैसला किया है जो बताएगा कि उत्पाद मांसाहारी है या शाकाहारी है। अब तक पैक्ड खाद्य पदार्थों के लिए यह व्यवस्था थी। मांसाहारी पदार्थों का किसी भी रूप में सेवन या स्पर्श कई धर्मों के व्रत-त्योहारों में विशेष रूप से वर्जित होता है।

Published on:
18 May 2018 09:13 am