गुजरात में निगम चुनाव प्रचार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की तबीयत अचानक बिगड़ गई
नई दिल्ली। गुजरात में निगम चुनाव ( Gujarat nigam election ) प्रचार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ( Chief Minister Vijay Rupani ) की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मंच पर चक्कर खाकर गिर पड़े। जानकारी के अनुसार विजय रूपानी एक चुनावी रैली को संबोधित कर करने वडोदरा गए थे। बताया जा रहा है कि सभा को संबोधित करते समय उनका ब्लड प्रेशर अचानक डाउन हो गया, जिसके बाद उनको आनन-फानन में उनको वडोदरा से अहमदाबाद लाया गया। फिलहाल मुख्यमंत्री रूपानी का इलाज चल रहा है।
सरकारी प्लेन के जरिए वडोदरा से अहमदाबाद लाया गया
खबर मिली है कि मुख्यमंत्री विजय रूपानी को एक सरकारी प्लेन के जरिए वडोदरा से अहमदाबाद लाया गया। जहां उनको यूएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार मुख्यमंत्री रूपानी का ब्लड प्रेशर और सुगर लेवल नॉर्मल आ रहा है। अभी उनके अन्य टेस्ट किए जा रहे हैं। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का इलाज तय किया जाएगा। आपको बता दें कि विजय रूपानी की तबीयत बिगडऩे से कुछ देर पहले सभा में अफरा तफरी सी का महौल बन गया था, हालांकि बाद में वह शांत हो गया था।
भाजपा उम्मीदवार बृंदाबेन सुरती को निर्विरोध विजयी
गौरतलब है कि गुजरात में 21 फरवरी को स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। इसके साथ ही 28 फरवरी को तहसील और जिला पंचायत के चुनाव भी कराए जाएंगे। नगर निगम का चुनाव परिणाम 23 फरवरी को आएगा, जबकि दूसरे पंचायत चुनाव के नतीजे दो मार्च को पता चल पाएंगे। गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार शुरू होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के नारनपुरा वार्ड में भाजपा उम्मीदवार बृंदाबेन सुरती को निर्विरोध विजयी घोषित किया गया। उसने इस वार्ड की चार सीटों में से ओबीसी आरक्षित सीट से जीत हासिल की।
कांग्रेस पार्टी से बृंदा के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार चंद्रिकबेन रावल ने नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख मंगलवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। एक दिन पहले, सुरती के अन्य प्रतिद्वंद्वी, आम आदमी पार्टी (आप) से पुष्पाबेन का नामांकन फॉर्म रद्द कर दिया गया था। चूंकि सुरती ही मैदान में एकमात्र उम्मीवार रह गई थीं, इसलिए उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित किया गया।