मोदी सरकार ( Modi Goverment ) की नई गाइंडलाइंस से नाराज डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना वॉरियर्स ( Corona warriors ) ने हाथ में काली पट्टी बांधकर किया विरोध-प्रदर्शन
नई दिल्ली। देश में एक ओर जहां कोरोना ( coronavirus ) मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं कोरोना वॉरियर्स ( Corona warriors ) मोदी सरकार की नीतियों ( Modi government policies )
से नाराज चल रहे हैं। यही नहीं इन कोरोना वॉरियर्स ने शुक्रवार को मोदी सरकार ( Modi Goverment ) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल, कोरोना के खिलाफ जंग में यौद्धा बने स्वास्थ्यकर्मी ( Health Workers ) सरकार द्वारा जारी किए उस नोटिफिकेशन से खफा है, जिसमें हेल्थ वर्कर्स की ड्यूटी के बाद क्वारंटीन ( Quarantine ) में रहने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्र और राज्य सरकार के अधीन आने वाले हॉस्पिटलों में नई गाइडलाइंस के लागू कर दी गई है, जिसके खिलाफ डॉक्टर्स फेडरेशन और नर्सेस एसोसिएशन के मेंबर्स काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों में केंद्र सरकार इन नई गाइडलाइंस को लेकर भारी गुस्सा है। इसी के चलते दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज-अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल और लोक नायक अस्पताल के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।
शिवम बर्मन के अनुसार हमारा और हमारे परिवार का जीवन दांव पर लगा है। यही वजह है कि दिल्ली और केंद्र सरकार के हॉस्पिटलों मेें सभी हेल्थ वर्कर्स ने साइलेंट प्रोटेस्ट में भाग लिया। आपको बता दें कि मोदी सरकार ने 15 मई को नई गाइडलाइंस जारी की है। इस गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और नर्सों की ड्यूटी के बाद 14 दिन क्वारंटाइन में रहने की अनिवार्यता खत्म कर दिया गया है। गाइडलाइंस के जारी होते ही दिल्ली और कर्नाटक की सरकारों ने अपने हॉस्पिटलों में नए नियम लागू कर दए हैं।