
नई दिल्ली। पूरे उत्तर-भारत में मौसम ने करवट बदल ली है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक सर्द हवाओं के ठंड ने दस्तक दे दी है, लेकिन गुजरात आने वाले दिनों में भी एक भयानक चक्रवात महा का सामना कर सकता है। चक्रवात 'महा' का खतरा लगातार गुजरात पर मंडरा रहा है। इस तूफान के खतरे को देखते हुए सोमवार को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) के बीच एक मीटिंग हुई, जिसके बाद गुजरात और महाराष्ट्र में इस चक्रवात का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
सोमवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) के साथ ये बैठक हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात का असर गुजरात, महाराष्ट्र और दमन दीव पर होने का अनुमान है। हालांकि बैठक में मौजूद गुजरात और महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिवों ने बताया कि उन्होंने आवश्यक तैयारी कर ली हैं।
100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं!
जानकारी के मुताबिक, चक्रवात वाले इलाकों में नौसेना के जहाज तैनात किए गए हैं। 7 नवंबर को चक्रवात गुजरात और महाराष्ट्र तट को पार करेगा। करीब-करीब तीन दिनों तक इन दोनों ही राज्यों में चक्रवात का असर बना रहेगा। इन तूफान में 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और मूसलाधार बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा इस तूफान के दौरान 1.5 मीटर ऊंची लहरें भी उठेंगी। ऐसे में दोनों ही राज्यों में 6 नवंबर तक के लिए सभी मछुआरों को भी समुद्र किनारों से हटने के लिए कहा गया है।
तूफान से निपटने के लिए तैनात होंगी ये टीमें
चक्रवात 'महा' से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ तटरक्षक बल और नौसेना के जहाजों को भी तैनात कर दिया गया है। सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया है। दमन और दीव प्रशासन ने भी इसी तरह की तैयारियां की हैं।