सामान्य पार्क ऐसे बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए नहीं जाते ऐसे में कई बार माता-पिता अपने बच्चों को सामान्य बच्चों के खेलने नहीं देते।
हैदराबाद. तेलंगाना में विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए देश का पहला राष्ट्रीय उद्यान का उद्घाटन किया गया। इस पार्क में विशेष बच्चों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्पीच थेरेपिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, वोकेशनल ट्रेनर भी मौजूद रहेेंगे। शहरी विकास मंत्री के टी रामा राव का कहना है कि यह भारत का पहला पार्क है। उम्मीद है कि इस तरह का पार्क दूसरे राज्यों में भी भविष्य में बनाया जाएगा। पार्क उन विशेष बच्चों को लाभ देगा जो अपने जीवन में आगे बढऩा चाहते हैं और कामयाब होना चाहते हैं। गौरतलब है कि हैदराबाद के पास में इसी तरह का एक आई पार्क भी बन रहा है। सरकार का मकसद इस आईटी पार्क के माध्यम से आने वाले पांच वर्षों में 2000 विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए रोजगार सृजन करना है।
बेंगलुरु में भी दिव्यांग बच्चों के लिए दो विशेष पार्क मौजूद है। दोनों पार्को का विकास बृहत बेंगलुरू महानगर पालिके(बीबीएमपी) ने किया है। इन दोनों पार्को के विकास में एक स्वयंसेवी संगठन किलीकिली की भूमिका है। मनोरंजन के सभी साधनों को ऐसे बच्चों की शारीरिक बनावट व क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
बेटी की खुशी के लिए बनाया थीम पार्क
यूएस के टेक्सास में एक पिता ने अपनी दिव्यांग बेटी के लिए थीम पार्क बना रखा है। दरअसल जब इस पिता ने देखा कि उनकी बेटी को दूसरे बच्चों की तरह पार्क में खेलने में असुविधा हो रही है तब उन्होंने खुद पार्क बनाने का निर्णय लिया। गोर्डन हर्टमैन बताते हैं- एक बार उनका पूरा परिवार छुट्टियां मनाने गया, तब वहां उन्होंने देखा कि स्विमिंग पूल पर नहाते वक्त उनकी 12 साल की बेटी मॉर्गन के साथ दूसरे बच्चे खेल नहीं रहे। वहीं जब मॉर्गन बच्चों के साथ खेलने गई तब सभी सामान्य बच्चे वहां से चले गए। बेटी का दुख पिता से देखा नहीं गया और उन्होंने 2007 में खुद ऐसी जगह बनाने का फैसला लिया जहां उनकी बेटी जैसे लोगों को खुशियां मिल सकें। गोर्डन ने थीम पार्क बनाने के लिए दिव्यांग बच्चों के परिजन, डॉक्टरों, थेरपिस्ट से संपर्क किया। उनकी जरूरतों को जानने के लिए रिर्सच किया। इसके बाद 2010 में थीम पार्क मॉर्गन्स वंडरलैंड खोला, जो टेक्सास के सैन एटॉनियो में 25 एकड़ जमीन पर बना है।