वित्त वर्ष 2020-21 में पेश किए गए बजट का आकार करीब 30 लाख करोड़ रुपये का था 100 साल के बाद इस बाद बार के बजट(budget 2021) में हो सकता है बड़ा बदलाव
नई दिल्ली। आज 1 फरवरी को देश का सबसे एतिहासिक ब़जट(Budget 2021) पेश होना है सभी की नजरें इस बजट से टिकी हुई है। क्योकि कोरोना महामारी की मार से हर कोई इतना पेरशान हो चुका है कि लोगों को अब पेश किए जाने वाले बजट से एक बड़ी आस लगी हुई है। भारत के इस बजट को पेश होने से पहले जान ले कि भारत में बजट (Union Budget) की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से शुरू हुई थी जिनमें पहला बजट जेम्स विल्सन ने 18 फरवरी 1860 को पेश किया था। इसलिए जेम्स विल्सन को भारतीय बजट (Budget) व्यवस्था का जनक भी कहा जाता है।
अब सभी के मन में यह सवाल हमेशा बना रहता है कि सरकार जो बजट बनाती है उसमें बड़े-बड़े ऐलान भी करती हैं, उसके लिए पैसे कहां से आते हैं? सरकार के पास आमदनी का जरिया क्या है? वित्त वर्ष 2020-21 में पेश किए जाने वाले बजट का आकार करीब 30 लाख करोड़ रुपये का था।
बैसे सभी लोगों को यह बात अच्छी तरह से जानते है कि जनता के द्वारा दिए जाने वाले टैक्स और राजस्व सरकार की आमदनी ही सरकार का सबसे बड़ा जरिया होता है। हम बताते है कि सरकार की कमाई कहां-कहां से होती है?
सरकार के पास इतना पैसा उधार और अन्य देयताएं से फंड मिलता है, उसके बाद जीएसटी और अन्य टैक्स से पैसा आता है। यदि सरकार एक रूपए कमाती है तो उसे इन प्रकियाओं से होकर गुजरना पड़ना है। जिस प्रकार से एक रूपए की आमदनी पर उधार और अन्य देयताएं- 20 पैसे निगम कर- 18 पैसे इनकम टैक्स- 17 पैसे सीमा शुल्क- 4 पैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क- 7 पैसे जीएसटी एंव अन्य कर- 18 पैसे विभिन्न राजस्व से कर- 10 पैसे कर्ज से इसके बाद कैपिटल इनकम- 6 पैसे इन सभी को मिलाकर पूरे 1 रुपये का हिसाब बैठता है।
इसी कमाई की रकम से वो बजट के रूप में लोककल्याण योजनाओं से लेकर दूसरे कार्यों में पैसा खर्च करती है। देश में हो रहे पूरे खर्चे की रूपरेखा अर्थशास्त्रियों की मदद से तैयार की जाती है।
लेकिन इस बार के बजट में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। कोरोना महामारी की वजह से इस बार का बजट पिछले 100 साल के बजट की तुलना में बिल्कुल अलग रहने वाला है, इसलिए बजट में आय-व्यय को लेकर भी बदलाव हो सकता है।