इंडियन आर्मी ने मंगलवार को मीडिया रिपोर्टों पर पेश की सफाई। अखबारों में छपी खबरों को फर्जी और गलत करार देते हुए खारित किया। खबर छापने से पहले मीडिया से आधिकारिक स्रोत से पुष्टि के लिए कहा।
नई दिल्ली। क्या गुजरात में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के लिए भारतीय सेना की तैनाती की गई है? भारतीय थल सेना ने मंगलवार को इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए ऐसी सभी रिपोर्टों का खंडन किया है।
इसके साथ ही भारतीय सेना ने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया जिनमें यह कहा गया था कि सेना ने छुट्टी पर गए और रिटायर होने वाले सभी जवानों को भी कथितरूप से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
आर्मी सूत्रों के मुताबिक, "गुजरात में लॉकडाउन लागू करने के लिए सेना की तैनाती को लेकर कुछ प्रिंट मीडिया (अखबारों) में इससे संबंधित फर्जी और गलत खबरें छपी हैं। इसके अलावा अखबारों ने छुट्टी पर गए और रिटायर होने वाले सेना के जवानों की गतिविधि को लेकर दिए गए दिशानिर्देशों को भी छापा है। दोनों ही खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।"
सूत्रों ने आगे कहा, "मीडिया को सलाह दी जाती है कि वो खबर छापने से पहले ऐसी किसी भी जानकारी की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर ले।"
गौरतलब है कि कोरोना वायरस पर लगाम कसने के लिए लागू किए गए तमाम उपायों के बाद ऐसे कई मामले और फर्जी मैसेज-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।
इस मुद्दे पर किसी भी तरह की गलतफहमी ना रहे इसके लिए सेना अपने जवानों को लेकर आधिकारिक चैनलों के जरिये समय-समय पर एडवाइजरी और दिशा-निर्देश जारी करती रहती है।
बता दें कि बीते 25 मार्च से देशभर में लागू टोटल लॉकडाउन मंगलवार को खत्म होने वाला था, लेकिन इससे पहले सुबह 10 बजे पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में इस लॉकडाउन को आगामी 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया है।