8 जुलाई को बुरहान वानी की बरसी है। बरसी पर अलगाववादी नेताओं ने बंद का ऐलान किया था। इस देखते हुए पुलिस ने दो अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है।
नई दिल्ली। हिजबुल कमांडर और आतंकवादी बुरहान वानी की 8 जुलाई को बरसी है। बुरहान वानी की मौत के दो साल पूरे होने पर कश्मीर में अलगाववादियों ने बंद का ऐलान किया है। बंद के मद्देनजर दो अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। हिरासत में लिए गए एक नेताओं में हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ के नेता यासीन मलिक का नाम शामिल है।
अलगाववादियों को आवास पर किया गया नजरबंद
मीरवाइज उमर फारूक को उनके ही आवास पर नजरबंद किया गया है। वहीं, यासीन मलिक को गिरफ्तार कर पुलिस थाने भेज दिया गया है। बता दें कि संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) की अध्यक्षता करने वाले सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर और यासीन मलिक ने कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान किया है।
हाई अलर्ट पर घाटी
वहीं, बुरहान वानी की बरसी को देखते हुए घाटी में हाई अलर्ट जारी किया है। बरसी से दो दिन पहले शुक्रवार शाम से ही घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं कर दी जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंटैलीजेंस रिपोर्ट में ऐसी संभावना जताई जा रही है कि आठ जुलाई को आतंकवादी कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
कौन है बुरहान वानी
हिजबुल कमांडर और आतंकवादी बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। वानी को मरे दो साल हो चुके है तब से अब कर उसके मौत के दिन कश्मीर में बंद का ऐलान किया जाता रहा है। बता दें कि आतंकी बुरहान वानी उस समय सुर्खियों में आया था जब उसकी एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें वह अन्य 10 अन्य आतंकियों के साथ खड़ा था। सेना ने तब से अब तर उन सभी को मार गिराया है।