
नई दिल्ली। पूरा देश इन दिनों कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) से जूझ रहा है। ऐसे में एक के बाद एक सारे त्योहारों की रौनक फीकी पड़ रही है। इस बार 12 अगस्त को पड़ने वाली जन्माष्टमी (Janmashtami 2020) पर भी बीमारी का साया रहेगा। ऐसे में देश के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान भक्त इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। ऐसे में इस्कॉन मंदिर (Iscon Temple) की ओर से वर्चुअल उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 11-12 अगस्त को देश का सबसे बड़ा वर्चुअल सेलिब्रेशन किया जाएगा। इसमें करीब 6 देशों के 15 मंदिर दो दिन के लिए जुड़ेंगे। इसलिए देश-विदेश के करीब 1 करोड़ भक्त इस ऑनलाइन जश्न का हिस्सा बनेंगे।
कृष्ण जन्मोत्सव पर पूरे देश में इस्कॉन के जश्न की धूम रहती थी। यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे। मगर इस बार कोरोना संकट के चलते भक्तों का हुजूम इकट्ठा नहीं हो पाएगा। इसलिए इस्कॉन बेंगलुरु अपने सभी 15 मंदिरों को एक साथ ऑनलाइन जोड़कर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाएगा। इसमें अमेरिका के 3 मंदिर, रशिया, यूनाइटेड किंग्डम, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों के श्रीकृष्ण मंदिर भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस बार यू-ट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफॉर्म्स पर दो दिन तक लाइव प्रोग्राम टेलीकास्ट किए जाएंगे।
ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश
वैसे हर बार मंदिर में आयोजित होने वाले कृृष्ण जन्मोत्स्व में एक मंदिर में अधिकतम एक से डेढ़ लाख लोग शामिल हो पाते हैं, लेकिन इस बार वर्चुअल सेलिब्रेशन के जरिए इस्कॉन ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ना चाहता है। इसलिए खास प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है। जिससे दुनियाभर में करीब एक करोड़ लोग इससे जुड़ सके। कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए बड़े पैमाने पर भारत सहित अन्य देशों में प्रचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पहली बार अमेरिका, रशिया में बसे इस्कॉन के भक्त वर्चुअल सेलिब्रेशन के जरिए भारतीय भक्तों की प्रस्तुतियां देख सकेंगे। वहीं भारतीय भी विदेशों में मनाई जाने वाली पूजा को देख सकेंगे।