
नई दिल्ली। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस महत्वपूर्ण पद के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी है। जस्टिस गोगोई 3 अक्टूबर को पद की शपथ लेंगे। इस पद पर उनका कार्यकाल 13 महीने 14 दिन का होगा। वे 17 नवंबर 2019 तक इस पद पर बने रहेंगे। वे भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम से इस शीर्ष पद पर काबिज होने वाले पहले जस्टिस होंगे।
असम के मुख्यमंत्री रहे हैं पिता केशबचंद्र गोगोई
18 नवंबर 1954 को असम में जन्मे जस्टिस गोगोई 23 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे। गुवाहाटी हाईकोर्ट से करियर की शुरुआत करने वाले जस्टिस गोगोई पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं। मौजूदा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद वे सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं। 63 वर्षीय जस्टिस मिश्रा का कार्यकाल 2 अक्टूबर को खत्म होगा। उनके पिता केशब चंद्र गोगोई असम के मुख्यमंत्री भी रहे हैं।
ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल थे जस्टिस गोगोई
उल्लेखनीय है कि जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट के उन चार जजों में शुमार थे, जिन्होंने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे। इनमें से जस्टिस चेलमेश्वर पहले ही रिटायर हो चुके हैं। कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया था कि चीफ जस्टिस ने अदालत के कामकाज में नियमों की अनदेखी की है। जजों ने कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर करते हुए मुकदमों के बंटवारे पर भी सवाल उठाए थे। इसे लेकर देश में काफी बवाल मचा था।