
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) महामारी की रफ्तार को रोकने के लिए लगातार लॉकडाउन (Lockdown 3.0) बढ़ाए जा रहे हैं। इससे ज्यादातर कंपनियां और दफ्तर भी बंद हैं। कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। पिछले दिनों सरकार ने 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ आईटी कंपनियों को काम करने की छूट दी थी, लेकिन अब IT इम्प्लॉयज को 31 जुलाई तक वर्क फ्रॉम होम की मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने मंत्रियों और अफसरों के साथ पिछले हफ्ते हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बातचीत के दौरान इस फैसले का ऐलान किया है।
एक एजेंसी के मुताबिक प्रौद्योगिकी मंत्री से सूबे के डिप्टी सीएम सीएन अश्वथ नारायण ने वर्क फ्रॉम होम को लेकर बात की थी। इसी के बाद केंद्रीय मंत्री ने यह निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि घर से काम करने की अवधि को मार्च 2021 तक आगे बढ़ाए जाने पर भी विचार चल रहा है।
मौजूदा समय में करीब 90 फीसदी आईटी कर्मचारी और 70 से 80 प्रतिशत बीपीओ व आईटी क्षेत्र में छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारों से जुड़े लोग घर से काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगी, बेरोजगारी का संकट दूर होगा। साथ ही कोरोना के मामलों में भी कमी आएगी। वहीं कुछ जानकार सरकार के इस निर्णय से अनुमान लगा रहे हैं कि क्या कोरोना की स्थिति और बिगड़ने वाली है जो घर से काम करने की अवधि को अगले साल तक बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है।