Coronavirus को रोकने के लिए Lockdown 2.0 की घोषणा 20 अप्रैल से लॉकडाउन ( Lockdown ) में सशर्त छूट कई शहरों और जिलों में हट सकता है लॉकडाउन!
नई दिल्ली। चीन ( China ) के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ( coronavirus ) ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है। भारत ( Coronavirus in india ) में यह वायरस काफी तेजी से फैल रहा है। देश में करीब नौ हजार लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 339 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने अगामी तीन मई तक लॉकडाउन ( Lockdown 2.o ) को बढ़ाने का फैसला किया है। पीएम ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि भारत ने काफी हद तक कोरोना वायरस को रोक लिया है, लेकिन अब भी काफी सावधानी की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि 20 अप्रैल से सशर्त लॉकडाउन में छूट दी जा सकती है। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर एक भी नया केस आया तो छूट वापस ले लिया जाएगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने और हर राज्य को और बारीकी से परखा जाएगा। एक हफ्ते तक और सख्ती होगी। वहां लॉकडाउन का कितना पालन किया गया है और उस इलाके ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, उसका मूल्याकंन किया जाएगा। जो क्षेत्र अपने यहां हॉटस्पॉट नहीं बढ़ने देंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति और छूट दी जा सकती है। लिहाजा, इसे लेकर बुधवार को एक गाइडलाइंस जारी की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि छूट की लिस्ट में देश के वे जिले और शहर शामिल हो सकते हैं, जहां अब तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके अलावा जिन शहरों, जिलों ने कोरोना पर जीत हासिल कर ली है, उन्हें भी इस लिस्ट में शामिल किया जाएगा। पीएम के मुताबिक, नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, बिहार, हरियाणा के उन जिलों में लॉकडाउन में ढील दी जा सकती है, जो कोरोना से पूरी तरह उबर चुके हैं। यहां आपको बता दें कि दो राज्य मेघालय, सिक्किम में अब तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है, जबकि दो केन्द्र शासित प्रदेश दादर नगर हवेली और लक्षदीप में भी अब तक कोरोना का केस सामने नहीं आया है। लिहाजा, इन जगहों पर छूट देना लगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि, पीएम मोदी ने यह भी साफ कहा कि अगर 20 अप्रैल तक यहां से कोई मामला आता है, तो लॉकडाउन उसी तरह जारी रखा जाएगा। देश में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां मामले बीच में कम हुए, मगर कुछ दिन बाद फिर तेजी आ गई। उत्तर प्रदेश का आगरा ऐसा ही इलाका है। यहां पहले तेजी से मामले बढ़े। फिर केसेज नहीं आए तो देश में आगरा मॉडल की चर्चा होने लगी। मगर अब फिर यहां से नए मामले बढ़ने लगे हैं। लिहाजा, काफी मुआयना करने के बाद ही लॉकडाउन में छूट दी जा सकती है।
गौरतलब है कि सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 राज्यों के उन 25 जिलों के भी नाम बताएं, जहां पिछले 14 दिनों में कोरोना के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, दुर्ग और विलासपुर, कर्नाटक के देवनगिरि, उडुपी, तुमकुरु और कोडगू, महाराष्ट्र के गोंदिया, हरियाणा के पानीपत, रोहतक, सिरसा, बिहार के पटना, मुंगेर, केरल के वायनाड और कोट्टायम, मणिपुर के वेस्ट इम्फाल, गोवा के साउथ गोवा, जम्मू-कश्मीर के राजौरी, मिजोरम के आइजोल वेस्ट, पंजाब के एसबीएस नगर, राजस्थान के प्रतापगढ़, तेलंगाना के भद्राद्रि कोट्टागुड़म, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल और पुडुचेरी के माहे शामिल हैं। लिहाजा, माना जा रहा है कि एक हफ्ते तक मुआयना करने के बाद इन इलाकों में भी छूट दी जा सकती है।