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Maharashtra :  गैंगरेप पीड़िता को पंचायत ने सुनाया गांव छोड़ने का फरमान, अधिकारी मौन

3 गांवों की पंचायत ने पारित किया प्रस्ताव। पीड़िता के घर के दरवाजे पर नोटिस चिपकाया।  
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Updated: 31 Dec 2020, 8:57 AM IST
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बीडीओ ने इस घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के बीड जिले की रेप पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसकी ग्राम पंचायत ने उसे गांव से निर्वासित करने का प्रस्ताव पारित किया है। इतना हीे ग्रांव पंचायत के कहने पर घर के दरवाजे पर नोटिस चिपका दिया गया है। अब उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

5 साल गैंगरेप का शिकार हुई थी महिला

बता दें कि महिला के साथ 2015 में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि है इस साल की शुरुआत में अदालत में इस मामले में चार दोषियों को आजीवन स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत ने न सिर्फ गैंगपेर पीड़िता को बल्कि गांव के दो अन्य गांवों ने भी उसे निर्वासित करने का प्रस्ताव पारित किया है। पुलिस ने बताया है कि महिला ने ग्रामीणों द्वारा उसे अपशब्द कहे जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

बीडीओ ने की मामले की पुष्टि

इस बारे में खंड विकास अधिकारी अनिरुद्ध सनप ने कहा है कि 15 अगस्त को तीन गांवों ने महिला को निर्वासित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था। हमारी जांच के दौरान यह पाया गया कि एक दूसरे से लगे हुए इन गांवों ने अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए। वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में विशेष सूचना दी गई है। साथ ही इस मामले में जरूरी कार्रवाई जारी है।

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31 Dec 2020, 8:57 AM IST
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