
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने करगिल विजय दिवस ( Kargil Vijay Diwas ) की चर्चा करते हुए कहा कि 21 साल पहले भारतीय सेना ( Indian Army ) ने पाकिस्तान को करगिल में धूल चटाकर जीत का झंडा लहराया था। सेना ने इस सफलता को हासिल कर देश को गौरवान्वित किया था। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि आज सेना के अमर शहीदों को नमन करने का दिन है। उन्होंने करगिल युद्ध में शहीद हुए सेना के माता-पिता को भी नमन किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने करगिल विजय दिवस पर देश के सैनिकों की बहादुरी को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस वक्त करगिल युद्ध हुआ उस वक्त भारत पाकिस्तान से मित्रता चाहता था, लेकिन पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर करगिल युद्ध का दुस्साहस किया था।
इस कार्यक्रम का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो ( All India Radio ), दूरदर्शन और नरेंद्र मोदी मोबाइल ऐप ( Narendra Modi Mobile App) पर किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की जानकारी खुद ट्वीट कर दी है। यह पीएम मोदी ( pm modi ) का 77वां मन की बात कार्यक्रम होगा। मन की बात के विषय के लिए पीएम मोदी ने खुद ट्विट कर लोगों से सुझाव मांगा था।
पीएम ने ट्वीट कर बताया, “मुझे यकीन है कि आप सकारात्मक बदलावों के बारे में सामूहिक प्रयासों से प्रेरणा लेने के बारे में जानते होंगे। आप निश्चित रूप से उन पहलों के बारे में जानते होंगे जिन्होंने कई जीवन बदल दिए हैं। कृपया, उन्हें इस महीने के मन की बात कार्यक्रम के लिए साझा करें। मन की बात कार्यक्रम की तारीख 26 जुलाई सुबह 11 बजे है।
हर बार की तरह इस बार भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी नए मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। कोरोना वायरस महामारी, बाढ़ की विभिषिका और राम मंदिर पर चर्चा की संभावना ज्यादा है। इसके अलावा वो रक्षाबंधन की बधाई और कोरोना जुड़े एहतियात बरतने पर भी जोर दे सकते हैं।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां मन की बात कार्यक्रम 28 जून को हुआ था। इस कार्यक्रम में पीएम ने कोरोना वायरस से लेकर पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल ( LAC ) पर भारत-चीन ( India-China ) के बीच चल रहे सीमा विवाद और गलवान घाटी हिंसा को लेकर बात की थी। साथ ही सीमा विवाद मुद्दे पर देश के स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करने को लेकर अपना पक्ष रखा था।