
नई दिल्ली। 8 जून से देश के तमाम धार्मिक स्थलों को खोला जाएगा। इसमें वैष्णो देवी माता (Shri Mata Vaishno Devi ) का मंदिर भी होगा। जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित देवी के इस दरबार में मत्था टेकने के लिए अब श्रद्धालुओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना पड़ेगा। वहीं भक्तों को किसी तरह की तकलीफ न हो इसके लिए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (Shrine Board ) की तरफ से भी कोशिशें की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि यात्रा जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होगी। हालांकि इस पर आधिकारिक घोषणा श्राइन बोर्ड के चेयरमैन उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू करेंगे।
खबरों के मुताबिक पहले चरण की यात्रा में केवल स्थानीय और पैदल यात्रियों को ही दर्शन की अनुमति होगी। हेलीकॉप्टर सेवा के लिए लोगों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। यात्रा के प्रमुख स्थानों जैसे बाढ़ गंगा और कटरा जैसी जगहों में भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। यात्रियों की संख्या पहले से निर्धारित की जाएगी। साथ ही नियमित अंतराल पर ही भक्तों को बाणगंगा से जाने की अनुमति दी जाएगी।
हैलीपैड पर बनाए जा रहे हैं निशान
भक्तों में संक्रमण का खतरा न रहे इसलिए हेलीपैड के साथ ही सांझी छत हेलीपैड पर खास निशान बनाए जा रहे हैं। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। लोग इनमें क्रम से खड़े हो सकेंगे। इसमें लोगों के बीच कुछ दूरी रखी जाएगी। इसके अलावा वैष्णो देवी मंदिर के प्रमुख गेट पर भी नंबरिंग की जाएगी। इससे भक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दर्शन कर पाएंगे।
कर्मचारी किए जा रहे नियुक्त
लॉकडाउन के चलते सभी धार्मिक यात्राएं और तीर्थ स्थान बंद थे, लेकिन अनलॉक 1.0 (Unlock 1.0)के दौरान इन्हें दोबारा खोला जा रहा है। चूंकि वैष्णो देवी माता मंदिर में भी जल्द ही भक्त दर्शन कर सकेंगे इसलिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए श्राइन बोर्ड दोबारा कर्मचारियों को काम पर वापस बुला रहा है। साथ ही कुछ स्पेशल टीम नियुक्त कर रहा है। जिससे हर चीज की मॉनिटरिंग की जा सके।