
राजौरी। भारतीय सेना के तीनों अंगों को अधिक से अधिक सुदृढ करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ाया जा रहा है। अब इस कड़ी में एक अच्छी खबर सामने आई है।
जम्मू-कश्मीर के नौशेरा की रहने वाली माव्या सूडान राजौरी से भारतीय वायुसेना (IAF) में पहली महिला फायटर बनीं हैं। राजौरी में नौशेरा की सीमा तहसील के लम्बेरी गांव की रहने वाली माव्या सूडान ने फ़्लाइंग ऑफिसर के रूप में IAF में कमीशन किया।
माव्या भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में शामिल होने वाली 12वीं और राजौरी की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शनिवार को वायु सेना अकादमी, डुंडीगल, हैदराबाद में आयोजित संयुक्त स्नातक पासिंग आउट परेड की समीक्षा की।
माव्या के परिवार और गांव में खुशी की लहर
माव्या के पिता विनोद सूडान ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व महसूस हो रहा है। अब वह सिर्फ हमारी बेटी नहीं बल्कि इस देश की बेटी है। हमें कल से बधाई संदेश मिल रहे हैं।" फाइटर पायलट माव्या की बहन मान्यता सूडान ने बताया कि अपने स्कूल के दिनों से ही माव्या का झुकाव वायु सेना की ओर था और वह हमेशा से फाइटर पायलट बनना चाहती थीं। मान्यता श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में जेई हैं।
मान्यता ने कहा "मुझे अपनी छोटी बहन पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है। बचपन से यह उसका सपना था। मुझे यकीन है कि वह जल्द ही अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाएगी। यह अभी शुरुआत है। हर कोई उसे अपनी बेटी की तरह मान रहा है। पूरे देश के लोग हैं उसका समर्थन और प्रेरित करना। यह सभी के लिए एक प्रेरक कहानी है।"
माव्या की मां सुषमा सूडान ने कहा, "मुझे खुशी है कि उसने इतनी मेहनत की है और अपना लक्ष्य हासिल किया है। उसने हमें गर्व महसूस कराया है।" माव्या की दादी पुष्पा देवी ने कहा कि इस खबर से गांव के सभी लोग खुश हैं।